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उदयपुर-अहमदाबाद रेलमार्ग : डेमू पैसेंजर को तैयार, 'जोशी-ली' हरी झंडी का इंतजार
By EditorialPublished on
उदयपुर-अहमदाबाद रेलमार्ग (Udaipur-Ahmedabad Railroad) शुरू होने के बाद अब धीरे-धीरे रेलगाड़ियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। पिछले लंबे समय से मांग की जा रही डेमू पैसेंजर गाड़ी की मंजूरी रेलवे की ओर से मिल चुकी है। अब इंतजार केवल नेताजी द्वारा ' जोशीली' हरी झंडी दिखाए जाने को समय देने का है।

उदयपुर : उदयपुर-अहमदाबाद रेलमार्ग (Udaipur-Ahmedabad Railroad) शुरू होने के बाद अब धीरे-धीरे रेलगाड़ियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। पिछले लंबे समय से मांग की जा रही डेमू पैसेंजर गाड़ी की मंजूरी रेलवे की ओर से मिल चुकी है। अब इंतजार केवल नेताजी द्वारा ' जोशीली' हरी झंडी दिखाए जाने को समय देने का है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में असारवा से डूंगरपुर तक आ रही डेमू पैसेंजर गाड़ी के उदयपुर तक विस्तार की मंजूरी कुछ महीने पहले ही मिल चुकी थी। बाद में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी (CP Joshi) के प्रयासों से इस यात्रीगाड़ी के चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) तक विस्तार की मंजूरी मिली लेकिन लंबे समय तक इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया।
अब रेलवे ने इस रेलगाड़ी (Train) के संचालन की तैयारियां पूर्ण कर ली है और उद्घाटन के लिए नेताओं से समय लेने के प्रयास किये जा रहे है मगर नेता अभी चुनावी जोड़-गणित में व्यस्त होने की वजह से इस यात्रीगाड़ी को भी चुनावी (Election) रेलगाड़ी के रूप में भुनाने का शुभ मुहूर्त देख रहे हैं। इस रेलगाड़ी का संचालन शुरू होने से उदयपुर से डूंगरपुर के बीच फ्लैग स्टेशन खारवा चांदा, पाडला, सुरखण्ड खेड़ा, कुण्डलगढ़, कोटाना जो अब तक रेल सुविधा से वंचित थे लाभान्वित होंगे और अप-डाउन करने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। इधर, लोगों का कहना है कि चुनावी मुहूर्त या किसी ऊपरी आदेश की हरी झंडी इंतजार किए बिना रेलगाड़ी को 'जोशी-ले' नेताओं द्वारा शीघ्र ही शुरू कर दिया जाना चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके। उदयपुर-अहमदाबाद मार्ग पर वैसे भी लोग इन दिनों रोज-रोज के जाम से परेशान हो चुके हैं व लोग तत्काल विकल्प भी चाहते हैं। नेता यदि क्रेडिट भी लेना चाहते हैं तो उसके लिए भी यही सही समय है।
मुंबई, दिल्ली और दक्षिण भारत हेतु सीधी गाड़ियों की मांग
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को उदयपुर- अहमदाबाद रेल मार्ग (Udaipur-Ahmedabad Rail Route) शुरू होने के साथ ही आस बंधी है कि अब उदयपुर से सीधे दक्षिण भारत का जुड़ा हो जाएगा वहीं आदिवासी बाहुल्य डूंगरपुर जिला मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से रेल सुविधा से सीधे कनेक्ट हो जाएगा लेकिन अब तक रेलवे द्वारा कोई पहल नहीं की गई है।

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