Birth anniversary of Acharya Mahapragya in Thane
मुंबई । आचार्य महाप्रज्ञ जन्मोत्सव और जैन विद्या प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन ठाणे (Thane) में किया गया। शासनश्री साध्वी चंदनबाला ने नवकार मंत्र से शुरुआत की। साध्वी धृति प्रभा और चेतस्वी प्रभा ने संचालन किया। स्वागत सभा अध्यक्ष रमेश सोनी ने किया। प्रतिभा चोपड़ा, प्रिया मुथा, सुनीता बाफना, प्रमिला सूर्या, अविनाश गोगड़, मीना बाफना, रंजना बाफना ने विचार रखे। साध्वी राजश्री ने बताया कि आचार्य तुलसी द्वारा तराशा हुआ हीरा है आचार्य महाप्रज्ञ। साध्वी वर्धमानश्री ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ प्रज्ञा से पूरे संघ को प्रज्ञावान करते थे। तीनों सिंघाड़ों की साध्वियों ने सुमधुर गीतिका की प्रस्तुति दी। साध्वी मधुस्मिता ने बताया कि आचार्य महाप्रज्ञ ने 300 पुस्तकों की रचना की। साध्वी राकेश कुमारी ने कहा कि उन्होंने अपनी प्रज्ञा से सबको आलोकित किया। शासनश्री साध्वी चंदनबाला ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ बहुत ही सरल और मधुर स्वभावी थे। दूसरे सत्र का संचालन कमलेश दुग्गड ने किया। पारस बाफना, नरेश बाफना, मनोहर कच्छारा, जितेन्द्र राठौड, कमलेश चंडालिया, राजेश बाफना, नवरतन गोखरू, राकेश दुग्गड, महेंद्र पुनमिया, विनोद कोठारी, अमृत श्रीश्रीमाल की उपस्थिति रही। जैन विद्या प्रमाण पत्र वितरण में केंद्र व्यवस्थापक भारती सिंघवी ने संचालन किया। निशा भटेवरा ने प्रमाण पत्र वितरण किए।

Editorial

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