✕
आचार्य महाश्रमण ने श्रद्धालुओं को दिखाया शांति का मार्ग
By EditorialPublished on 20 Jun 2023 5:30 AM IST
तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने सोमवार को गोरेगांव (Goregaon) में शांतियुक्त जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने कहा कि मनुष्य दुःखों से दूर सुख-शांति से युक्त जीवन की कामना करता है। सुख और शांति से जीवन जीने के लिए आदमी को जीयो और जीनो के सिद्धांत पर चलने का प्रयास करना चाहिए।

x

मुंबई । तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने सोमवार को गोरेगांव (Goregaon) में शांतियुक्त जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने कहा कि मनुष्य दुःखों से दूर सुख-शांति से युक्त जीवन की कामना करता है। सुख और शांति से जीवन जीने के लिए आदमी को जीयो और जीनो के सिद्धांत पर चलने का प्रयास करना चाहिए। जिस प्रकार आदमी को स्वयं शांति की अपेक्षा होती है तो आदमी को यह प्रयास करना चाहिए कि वह भी किसी भी प्राणी के शांति में बाधक न बने। आदमी को अपने जीवन में संयम और शांति रखने का प्रयास करना चाहिए। किसी भी जीव को स्वयं के द्वारा कष्ट न पहुंचे, उसकी शांति भंग न हो, ऐसा प्रयास करना चाहिए। भय, लोभ, गुस्सा, लालसा, कामना से जीवन में अशांति आती है। इसलिए भगवान शांतिनाथ से प्रेरणा लेकर भय, लोभ, गुस्सा और लालसा का त्याग कर शांतिमय जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आदमी के जीवन में कोई परेशानी भी आए तो उसके लिए उसे चिंता नहीं चिंतन करने का प्रयास करना चाहिए। चिंतन से कोई मार्ग प्रशस्त हो सकता है। गुरुदेव तुलसी तो इतने बड़े धर्मसंघ के अधिनेता होते हुए भी शांति में रहते थे। डर न हो, लोभ न हो तो शांति बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि आज गोरेगांव प्रवास का अंतिम दिन है। जितना संभव हो, लोगों में धार्मिकता-आध्यात्मिकता की भावना बनी रहे। साध्वीवर्या साध्वी सम्बुद्धयशा ने भी विचार रखे।

Editorial
Next Story
Related News
X
