Pratahkal-Home dispute with Garah Lakshmi Yojana

बेंगलुरू (एजेंसी) । कर्नाटक (Karnataka) सरकार ने 'गृह लक्ष्मी योजना (Garah Lakshmi Yojana) का ऐलान किया था। इस योजना के तहत 2,000 रूपये के मासिक घर की मुखिया को दिए जाने हैं।
इस प्रस्तावित योजना से अनजाने में कई घरों में 'अत्थे और सोसे (सास और बहू) के बीच संघर्ष छिड़ गया । 'सास और 'बहू के बीच विवादों के उदाहरण सतह पर आने लगे हैं क्योंकि परिवार इस बात पर बहस कर रहे हैं कि किसे प्रोत्साहन मिलना चाहिए। घर की मुखिया सास को 2000 रूपये मिलेंगे यह जानकर बहुएं झगड़ा कर रही हैं। कई बहुएं सास से अलग रहने के लिए झगड़ रही हैं ताकि अलग होकर वह अपने परिवार की मुखिया हो जाएंगी और उन्हें 2000 रूपये महीने का लाभ मिलेगा। वहीं कई बहुएं इस बात पर अड़ी हैं कि सास को जो रूपये मिलें, उनमें उन्हें आधी रकम दी जाए।
जब महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर (Lakshmi Hebbalkar) से इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह फैसला परिवार को लेना है। लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि पैसा आदर्श रूप से सास को जाना चाहिए क्योंकि उन्हें महिला प्रधान माना जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह चाहें तो बहू के साथ पैसे साझा कर सकती हैं।
  • सास मुखिया पर बहू…
पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी हेब्बलकर से सहमति जताते हुए कहा कि पैसा सास को जाना चाहिए क्योंकि वह परिवार की मुखिया हैं। महिला कार्यकर्ताओं ने महसूस किया कि परिवार की महिला मुखिया कौन है, इस पर सहमति नहीं होने पर सास और बहू के बीच अनुदान साझा किया जाना चाहिए।

Editorial

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