Pratahkal-Prakash Ambedkar bowed his head at Aurangzeb's grave, and the commotion started
मुंबई । तेरा ध्यान किधर है, तेरा हिंदुत्व (Hindutva) इधर है। यह किसी ने कोई गाना नहीं गाया है है। प्रकाश आंबेडकर (Prakash Ambedkar) ने औरंगजेब (Aurangzeb) की कब्र पर सर झुका आने के बाद उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को अपना यह पैगाम सुनाया है। वे उद्धव को यह बताना चाह रहे हैं कि बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) जो हिंदुत्व अपना रहे थे, वो आक्रामकता थी।
यानी मैसेज लाउड एंड क्लियर है- मैं तो औरंगजेब की कब्र पर जाऊंगा। साफा डाल के. फूल चढ़ाऊंगा, सर झुकाऊंगा, दिल खोल-खाल के! प्रकाश आंबेडकर का उद्धव ठाकरे को यह भी मैसेज कांच की तरह साफ है कि उनके औरंगजेब की कब्र पर सर झुकाने में अगर उद्धव का हिंदुत्व आड़े आता है, खतरे में पड़ती है उनकी राजनीति, तो यह हिंदुत्व और राजनीति उद्धव ठाकरे बदल दें। आंबेडकर अपने आप को नहीं बदलने वाले! वे तो ऐसे ही हैं भइया। करेंगे सर पर ता ता थइया।
इस तरह जब औरंगजेब के मकबरे से प्रकाश आंबेडकर लौटे तो जैसा अनुमान था, वैसा ही हुआ। हंगामा हो गया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सवाल कर डाला कि उद्धव ठाकरे ने अब तक ऐलान भले नहीं किया है, पर उनकी बातों से यह समय-समय पर पता लगता रहा है कि उनका प्रकाश आंबेडकर के साथ गठबंधन हो चुका है। तो उद्धव ठाकरे अपना स्टैंड इस पर क्लियर करें कि क्या प्रकाश आंबेडकर का औरंगजेब की कब्र पर सर झुकाना उनको स्वीकार है? वो चाहे छुट्टियां मनाने के लिए लंदन में हों या वहां से लौट आए हों। जहां कहीं भी हों। अपना स्टैंड क्लियर करें।
  • उद्धव जहां क्लियर करें स्टैंड
हिंदू महासंघ के अध्यक्ष आनंद दवे ने तो राज्य सरकार से प्रकाश आंबेडकर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर दी है। कहा है कि उन्होंने औरंगजेब की कब्र में जाकर और वहां अपना सर झुकाकर सभी शिवाजी भक्तों का अपमान किया है, उनके दिल को ठेस पहुंचाई है। एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के नेता दादा भुसे ने कहा कि मतों का ध्रुवीकरण करने के लिए प्रकाश आंबेडकर ने जो किया है, वो ठीक नहीं किया है।
  • ‘हैरानी नहीं होगी जो कल उद्धव भी औरंगजेब की कब्र पर फूल चढ़ा आएं’
बीजेपी (BJP) विधायक प्रसाद लाड (MLA Prasad Lad) ने भी मांग की कि उद्धव ठाकरे अपना स्टैंड क्लियर करें कि क्या छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के दुश्मन की कब्र पर सर झुकाने वाले को सहयोगी बनाना उन्हें स्वीकार है? हिंदुत्व के नाम पर काम करने वाली ऐसी पार्टी को धिक्कार है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा कि कल को संजय राउत (Sanjay Raut) की बातों में आकर उद्धव ठाकरे भी औरंगजेब की कब्र पर फूल चढ़ाने चले जाएं।
  • उनकी पार्टी अलग, हमारी पार्टी अलग, हमसे क्यों करे कोई जवाब तलब - ठाकरे गुट
इस पर ठाकरे गुट के नेता अनिल देसाई (Anil Desai) ने जवाब देते हुए कहा कि प्रकाश आंबेडकर की पार्टी अलग है। उद्धव ठाकरे साहेब की पार्टी अलग है। दोनों अपने विचारों को रखने के लिए आजाद हैं। प्रकाश आंबेडकर के किसी ऐक्शन के लिए उद्धव ठाकरे जिम्मेदार नहीं हैं।

Editorial

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