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बिपरजॉय ने जमकर भिगोया, तेज हवाओं के साथ रह हर कर बौछारें
By EditorialPublished on
बिपरजॉय चक्रवात (Biparjoy Cyclone) का असर शनिवार को झीलों की नगरी में देखा गया। अल सुबह से देर रात तक रह-रह कर तूफानी हवाओं के बीच रिमझिम बौछारों के कई दौर चले। बारिश का जोर कई बार इतना तेज था कि | राहगीरों को बचने का मौका ही नहीं मिला। बारिश ने जहां जन जीवन को प्रभावित किया तो वहीं शहर में कुछ जगह पेड़ की टहनियां व होर्डिंग-बैनर आदि भी गिरे तो सिवरेज के ढक्कनों |

उदयपुर : बिपरजॉय चक्रवात (Biparjoy Cyclone) का असर शनिवार को झीलों की नगरी में देखा गया। अल सुबह से देर रात तक रह-रह कर तूफानी हवाओं के बीच रिमझिम बौछारों के कई दौर चले। बारिश का जोर कई बार इतना तेज था कि | राहगीरों को बचने का मौका ही नहीं मिला। बारिश ने जहां जन जीवन को प्रभावित किया तो वहीं शहर में कुछ जगह पेड़ की टहनियां व होर्डिंग-बैनर आदि भी गिरे तो सिवरेज के ढक्कनों से उबड़-खाबड़ हुई शहर की सड़कों पर एक बार फिर कंक्रीट (Concrete) व गड्ढे उभर आए जिन्होंने लोगों की जमकर खबर ली।
मौसम विभाग (Weather Department) के अनुसार उदयपुर (Udaipur) में पिछले चौबीस घंटों में गोगुंदा व गिर्वा में दो-दो इंच बारिश दर्ज की गई। जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार सुबह तक झाड़ोल में 40, कोटडा में 35, बडगांव में 27, सेमारी में 25, कुराबड़ में 19, नयागांव में 18, खेरवाड़ा व ऋभदेव में 17- 17, भींडर और झल्लारा में 15-15, लसाडिया में 14, वल्लभनगर में 13, सलूंबर में 12 तथा कानोड़ में 7 मिलीमीटर बारिश हुई।
इधर, सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बीते चौबीस घंटे में सर्वाधिक उदयपुर जिले के केसरियाजी (ऋलभदेव) में सर्वाधिक तीन इंच बारिश हुई। कोटड़ा में दो इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
कई इलोको में बिजली गुल, हाल-बेहाल
शहर में सालभर बिजली लाइनों संबंधी कार्यों की देखरेख के चलते कई-कई बार बिजली बंद रखी जाती है मगर जब उन कामों की असली परीक्षा की बारी आती है तो विभाग कन्नी काटने लगता है व बहानेबाजी शुरू हो जाती है। तूफान के आने की खबर पहले से ही थी मगर कमजोर तैयार के चलते शहर के कई इलाकों में शनिवार को दिन भर बिजली गुल रही। शिकायतों पर एक ही रटा-रटाया जवाब दिया गया कि बारिश व हवा की वजह से शिकायतों का अंबार लगा है, अभी कुछ करना संभव नहीं है। लोगों का कहा है कि बरसों पहले भी यही जवाब था व अब स्मार्ट सिटी बन जाने के बाद भी निगम का यही जवाब है। रात तक कुछ इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने व बिजली की आवक-जावक से लोग खासे परेशान हुए ।
बिजली के तारों से टकरा रहे पेड़, काटने वाला कोई नहीं
जिला प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर तूफान से पहले बिजली के तारों से होकर फैल रहे पेड़ों की शाखाओं को काटने की कोई पहल नहीं करने से खासी परेशानी हो रही है व कई मोहल्लों में डालियों के साथ तार भी झूल कर आपस में टकराने व हादसे की स्थिति बन रही है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी डालियां नहीं काटी जाती हैं।
शनिवार को हुई बारिश
कोटड़ा में 60 मिमी, गोगुंदा में 50 मिमी, गिर्वा 9 मिमी नाई में 7 मिमी, झाड़ोल में 14 मिमी, मदार में 14 मिमी, वल्लभनगर में 6 मिमी, डाया में 23 मिमी, सेई बांध क्षेत्र में 53 मिमी, बावलवाड़ा में 32 मिमी बारिश हुई। कोटड़ा के जोगीवड़ डेम में पानी की अच्छी आवक हुई।

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