Pratahkal-Civil felicitation ceremony of Acharya Mahashraman was grand
मुंबई । मायानगरी मुम्बई की धरा पर शनिवार को तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) का मुम्बई की जनता द्वारा अभिनंदन किया गया। समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, पर्यटन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, कई विधायक, विभिन्न धर्म-संप्रदाय के धर्मगुरुओं, धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के प्रमुख व्यक्तियों सहित भारी मात्रा में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। जनता का सैलाब इतना था कि नेस्को का विशाल ग्राउण्ड भी बौना साबित हुआ।
इससे पूर्व मलाड में स्थित विट्टी इण्टरनेशनल स्कूल से प्रात:काल आचार्य महाश्रमण ने प्रस्थान किया। गंतव्य की ओर गतिमान ज्योतिचरण का अनुगमन करते श्रद्धालु भी उस ओर बढ़ रहे थे। आचार्यश्री निर्धारित समय से पूर्व ही नेस्को ग्राउण्ड पहुँच गए।

Pratahkal-Civil felicitation ceremony of Acharya Mahashraman was grand
निर्धारित समय पर आचार्य महाश्रमण मंचासीन हुए तो पूरा परिसर जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। उनके मंगल महामंत्रोच्चार से नागरिक अभिनंदन समारोह का शुभारम्भ हुआ। युवक परिषद, महिला मण्डल व कन्या मण्डल ने आचार्य महाश्रमण के अभिनन्दन में गीत का संगान किया। अणुव्रत विश्व भारती सोसयटी के अध्यक्ष अविनाश नाहर ने अपनी अभिव्यक्ति दी तथा अणुव्रत से संबंधित डोक्यूमेंट्री की प्रस्तुति की गई। स्वगताध्यक्ष सुरेन्द्र बोरड पटावरी, जीतो के अध्यक्ष सुखराज नाहर, दिगम्बर जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष केसी जैन, भारत जैन महामण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीसी डांगी, पृथ्वीराज कोठारी, कोटेक महिन्द्रा के निलेश शाह, अग्रवाल विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने अभिवंदना में अभिव्यक्ति दी।

Pratahkal-Civil felicitation ceremony of Acharya Mahashraman was grand
उपस्थित लोगों को आचार्य महाश्रमण ने प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि दुनिया में मंगल की बात होती है। आदमी स्वयं की मंगलकामना करता है तो दूसरों के प्रति भी मंगलकामना व्यक्त करता है। इसके लिए मंगल पदार्थों आदि का उपयोग भी होता है तो मंगल के लिए शुभ मुहूर्त आदि भी देखे जाते हैं। जैन धर्म में उत्कृष्ट मंगल धर्म को बताया गया है। अहिंसा, संयम और तप रूपी धर्म सबसे उत्तम मंगल है। इन तीनों का पालन करना ही धर्म है। जहां इन तीनों का प्रभाव होता है, वहां जीवन ही मंगलमय हो जाता है। जिसका मन सदा धर्म में रमा रहता है, देवता भी उसे नमस्कार करते हैं। जीवन में अहिंसा, संयम और तप के विकास का प्रयास करना चाहिए।

Pratahkal-Civil felicitation ceremony of Acharya Mahashraman was grand
उन्होंने आगे कहा कि चातुर्मास के लिए मुम्बई में आना हुआ है। हमारे साथ मुख्यमुनि, साध्वीप्रमुखा और साध्वीवर्या आदि साधु-साध्वियां भी हैं। मैं समस्त जनता के प्रति आध्यात्मिक मंगलकामना करता हूं। मुम्बईवासियों के जीवन में शांति, मैत्री, सद्भाव, नैतिकता और धर्म का प्रभाव बना रहे। उन्होंने अणुव्रत यात्रा के उद्देश्यों सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के विषय में लोगों को उद्बोधित करते हुए इनके संकल्पों को स्वीकार करने का आह्वान किया तो उपस्थित जनमेदिनी ने अपने स्थान पर खड़े होकर कृतसंकल्प बने।

Pratahkal-Civil felicitation ceremony of Acharya Mahashraman was grand
प्रवचन के उपरान्त एक बार पुनः अभिनंदन का कार्यक्रम आरम्भ हुआ तो जी बिजनेस के अनिल सिंघवी, डब्बा एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु कल्या, बोहरा समाज के प्रतिनिधि मोइन भाई मांझी, ईसाई समाज के माइकल रोजारियो, मुस्लिम समाज की ओर इमाम सैय्यद जाफर, शिया समाज के धर्मगुरु, सिक्ख समुदाय के अध्यक्ष मनमोहन सिंह, साउथ इंडियन समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए एमएलए कैप्टन सेल्वम, विट्टी इण्टरेनशनल स्कूल के अध्यक्ष विनय जैन, नागरिक अभिनंदन समारोह के संयोजक बीसी भलावत, प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मदनलाल तातेड़ ने श्रद्धासिक्त भावों को अभिव्यक्त किया।
समारोह के विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र सरकार के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस व पर्यटन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा आदि आचार्य महाश्रमण को वंदन कर मंच पर आसीन हुए। मुम्बई महानगर की प्रतीकात्मक चाबी उपमुख्यमंत्री ने उन्हें समर्पित की। उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सर्वप्रथम मैं राष्ट्रसंत आचार्य महाश्रमण को प्रणाम करता हूं और महाराष्ट्र की 12 करोड़ जनता की ओर से उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। मैं आभार व्यक्त करता हूं जो उन्होंने साठ वर्षों से अधिक समय के बाद महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई में चातुर्मास का लाभ प्रदान किया है। उन्होंने नशामुक्ति के संकल्पों के साथ जो अभियान छेड़ा है और अभी तक 1 करोड़ से अधिक लोगों को नशामुक्ति का संकल्प कराया है। नशे से लड़ती सरकार के लिए वे प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके इस चातुर्मास से लाखों लोगों को लाभ प्राप्त होगा।
इसके बार आचार्य महाश्रमण ने पुनः संबोधित करते कहा कि साधनों से सुविधा और साधना से आंतरिक सुख की प्राप्ति होती है। सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति का जीवन में रहे तो अपराध में भी कमी की बात हो सकती है। महानगर की प्रदान की गई प्रतीकात्मक चाबी को हम अहिंसा, संयम और तप की चाबी मानते हैं। महाराष्ट्र की जना में खूब शांति रहे। आर्थिक और भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिकता का भी विकास हो ऐसी मंगलकामना।

Pratahkal-Civil felicitation ceremony of Acharya Mahashraman was grand
साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने भी संबोधित किया। पर्यटन मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, गोपाल शेट्टी, विधायक गीता जैन व राज के पुरोहित, नरेंद्र मेहता ने भी अपनी अभिव्यक्ति दी। प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मदनलाल तातेड ने विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। मुख्य प्रबंधक मनोहर लाल गोखरू ने संचालन करते हुए कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। स्वागत अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार बोरड पटावरी ने कहा कि यह सौभाग्य हे कि आचार्य महाश्रमण व अतिथियों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला। कार्यक्रम के संयोजक तेरापंथ युवक परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी जैन ने आयोजन को सफलतम बनाने रात दिन तैयारियों में जुटे युवा कार्यकर्ताओं की सराहना की। महामंत्री सुरेंद्र कोठारी ने कहा कि आचार्य महाश्रमण के मुंबई आगमन से पूरी धरा पावन हो गई है। महामंत्री महेश कुमार बापना ने कहा कि आज की इस कार्यक्रम की सफलता के साथ ही अब हमें आचार्य प्रवर के आगामी प्रवास को सफलतम बनाना है। कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी ने कहा कि हमें उनकी प्रेरणा को आदर्शों को अपने जीवन में उतारना है। डॉ. गोतम भंसाली अशोक कोठारी भंवर लाल कर्णावट सारिका जैन जीतो के चेयरमैन सुखराज नाहर भारत जैन महामंडल अध्यक्ष सी सी डांगी भी मौजूद रहे।
प्रवास व्यवस्था समिति की ओर से अध्यक्ष मदनलाल तातेड स्वागत अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार बोरड पटावरी संयोजक बी सी जैन मुख्य प्रबंधक मनोहर लाल गोखरू महामंत्री सुरेंद्र कुमार कोठारी महेश बाफना कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी ने स्वागत किया। परिसर जहां पुरुष सफेद परिधान में अपनी छटा बिखेर रहे थे तो महिला केसरिया परिधान में एक अलग ही अंदाज में नजर आ रही थी। कार्यक्रम के बाद आचार्य महाश्रमण नेस्को ग्राउण्ड से विहार कर प्रवास हेतु बांगुर विद्या मंदिर पहुँचे।
Editorial

Editorial

Next Story