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कंपनी में 1.41 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले कंपनी मैनेजर को जेल भेजा
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शहर की प्रतापनगर थाना पुलिस (Pratapnagar Police Station) ने कम्पनी ईकॉम हाउस ईकॉमर्स वेन्चर्स ओपीसी प्रा. लि. को विल प्राप्त होने वाले मूल बिलों एवं कस्टम क्लीयरेंस एफडीएफ (FDF) पत्रों के अंकित वजन, बिलिंग राशि, फर्म का नाम खाता नम्बर को कम्प्यूटर से एडिट करके तय दर से कई गुना ज्यादा अंकित कर आरोपी (Accused) स्वयं की पत्नी के नाम फर्म द शिपिंग सेंट्स के नाम से बनाकर भुगतान के लिए फरियादी को भेजकर लाखों रुपये का भुगतान आरोपी ने पत्नी की फर्म में जमा कर कुल 1 करोड़ 41 लाख 23 हजार 786 रुपये की राशि हड़प ली।

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उदयपुर : शहर की प्रतापनगर थाना पुलिस (Pratapnagar Police Station) ने कम्पनी ईकॉम हाउस ईकॉमर्स वेन्चर्स ओपीसी प्रा. लि. को विल प्राप्त होने वाले मूल बिलों एवं कस्टम क्लीयरेंस एफडीएफ (FDF) पत्रों के अंकित वजन, बिलिंग राशि, फर्म का नाम खाता नम्बर को कम्प्यूटर से एडिट करके तय दर से कई गुना ज्यादा अंकित कर आरोपी (Accused) स्वयं की पत्नी के नाम फर्म द शिपिंग सेंट्स के नाम से बनाकर भुगतान के लिए फरियादी को भेजकर लाखों रुपये का भुगतान आरोपी ने पत्नी की फर्म में जमा कर कुल 1 करोड़ 41 लाख 23 हजार 786 रुपये की राशि हड़प ली।
एएसआई औंकार सिंह (Onkar Singh) ने बताया कि आरवीएच कॉलोनी निवासी मोन्कफिश कम्पनी के प्रोपराईटर जयेश केनलानी पुत्र पुरुषोत्तम ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि कम्पनी के एकाउन्ट मैनेजर मोन्कफिश ईकॉमर्स दीपक पुत्र मुरलीधर आचार्य निवासी माली मोहल्ला कोठारिया नाथद्वारा अरिहन्त कालका माता रोड प्रतापनगर से रिमांड अवधि के दौरान कम्पनी में की गई हेराफेरी के वारे में गहनता से जांच-पड़ताल की गई। आरोपी लम्बे समय से कम्पनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत होने के कारण अन्य कम्पनियों से लेन-देन के संबंध में भलीभांति परिचित था । अनुसंधान, संकलित मौखिक दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जांच-पड़ताल की तो दीपक आचार्य फर्म मोन्कफिश में नवम्बर 2019 से एकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत होते हुए कम्पनी के द्वारा किये जा रहे व्यवसायी फर्मों से सीधा सम्पर्क हो गया। जिसके चलते आरोपी ने स्वयं के नाम की 2020 में कम्पनी ईकॉम हाउस ईकॉमर्स वेंचर्स ओपीसी प्रा.लि. का रजिस्ट्रेशन करवाना एवं पत्नी मोनिका आचार्य व भाई अंकित आचार्य के नाम पर 2022 में पार्टनरशिप फर्म द शिपिंग सेंट्स को रजिस्ट्रेशन करवा दिया। आरोपी शातिर प्रवृत्ति का होने एवं कम्पनी के ग्राहकों से सीधे सम्पर्क में आ जाने का फायदा उठाते हुए फरियादी की कम्पनी के साथ छल करते हुए सम्पूर्ण लेन-देन स्वयं की पत्नी के नाम पंजीकृत फर्म के जरिये करना शुरू कर दिया और इस तरह आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों में हेराफेरी कर कम्पनी का एक करोड़ 41 लाख 23786 रुपये हड़पना प्रथम दृष्टया में पाया। रिमांड अवधि के दौरान कूटरचित बिलों तथा जी एक्सप्रेस द्वारा फरियादी फर्म को भेजे मूल विलों की बरामदगी की गई। आरोपी द्वारा कूटरचित बिलों के आधार पर फरियादी से लाखों रुपये बैंक से प्राप्त कर हड़पे गये जिसकी बरामदगी के बारे में अनुसंधान किया गया। आरोपी की सहायता से फरियादी की फर्म पर नौकरी के दौरान छल कर कूटरचित बिलों एवं कस्टम क्लीयरेंस की पीडीएफ लेटर की मेल पर प्राप्त होने पर कम्प्यूटर से एडिट किये गये बिलों को आरोपी के लेपटॉप से जांच-पड़ताल की गई। साथ ही आरोपी ने लेपटॉप के साथ-साथ मोबाइल से भी छल करने के लिए की गई चैट का अवलोकन किया। आरोपी का लेपटॉप व मोबाइल जब्त किया गया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से साक्ष्य एकत्रित किये गये आज जांच पूर्ण कर अदालत में पेश किया जहां उसे जेल भेज दिया।

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