Pratahkal-Shrimad Bhagwat Katha ends

डीग (प्रा.सं) । उपखंड के गाँव अऊ में गोपाल जी मंदिर पर हो रही श्रीमद्भागवत (Shrimad Bhagwat Katha) सप्ताह हवन यज्ञ और भंडारे का साथ संपन्न हो गई । वहीं इससे पूर्व मंदिर प्रांगण में ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोचारण के साथ राधाकृष्ण और शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
इस दौरान कथा के अंतिम दिवस में भगवताचार्य गिरधर गोपाल शरण महाराज ने यदुवंशियों का संहार, भगवान शुकदेव और राजा परीक्षित की कथाओं का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम हिंदु हैं और हिंदु होने के नाते हमें सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए लेकिन कष्ट का विषय यह है कि हमारे किंचित भाई हिंदु होकर भी हिंदुत्व का विरोध करते हैं।
भगवताचार्य गिरधर गोपाल शरण महाराज ने कहा कि जो हिंदु हिंदुत्व का विरोध कर रहे हैं उन्हें और किसी ज्ञान को ढूंढने की आवश्यकता नहीं है। उनको तो अपना असली बाप ढूंढने की आवश्यकता है जो अपने धर्म को छोड़कर अपने अन्य किसी धर्म के चक्कर में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें हिंदुत्व के समर्थन में खडा होना चाहिए जिससे यह भारत देश सनातन संस्कृति मय हो। इस अवसर पर मंदिर महंत बाबा बालकनाथ सहित बच्चे, बुजुर्ग एवं श्रद्धालु एवं साधु संतों ने प्रसादी ग्रहण की।
Editorial

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