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कांदिवली प्रवास के अंतिम दिन आचार्य महाश्रमण ने दी अनासक्ति की प्रेरणा
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कांदिवली तेरापंथ भवन में आचार्य महाश्रमणजी (Acharya Mahashraman) के प्रवास के तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता रहा। गुरुवार को ‘सिद्ध मर्यादा समवसरण’ में उनके सानिध्य में बौद्ध आचार्य डॉ. राहुलबोधि भी उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि आचार्य महाश्रमण भारत के विभिन्न प्रान्तों में पदयात्रा करते हुए लोगों को सुख-शांति प्राप्ति का मार्ग दिखा रहे हैं। उनसे मिलकर बहुत ही आनंद और एक अलग ऊर्जा का अनुभव कर रहा हूं। आचार्य तुलसी के समय से हम लोगों का परस्पर मैत्री का सम्बन्ध है। सबका मंगल हो, ऐसी कामना करते हैं।

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मुंबई । कांदिवली तेरापंथ भवन में आचार्य महाश्रमणजी (Acharya Mahashraman) के प्रवास के तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता रहा। गुरुवार को ‘सिद्ध मर्यादा समवसरण’ में उनके सानिध्य में बौद्ध आचार्य डॉ. राहुलबोधि भी उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि आचार्य महाश्रमण भारत के विभिन्न प्रान्तों में पदयात्रा करते हुए लोगों को सुख-शांति प्राप्ति का मार्ग दिखा रहे हैं। उनसे मिलकर बहुत ही आनंद और एक अलग ऊर्जा का अनुभव कर रहा हूं। आचार्य तुलसी के समय से हम लोगों का परस्पर मैत्री का सम्बन्ध है। सबका मंगल हो, ऐसी कामना करते हैं।
आचार्य महाश्रमण ने कहा कि जीवन चलाने आदमी को अनेक प्रवृत्तियां करनी होती हैं। शरीर टिकाए रखने के लिए हवा, पानी, भोजन, कपड़ा, मकान, आवश्यकता पड़ने पर औषधि की भी आवश्यकता होती है। इसके अलावा भी समाज के लिए, अर्थार्जन के लिए आदमी अनेकानेक कार्य करता है। सम्बन्धों की दुनिया भी होती है। साधु का जीवन सम्बन्धातीत होता है। गृहस्थ जीवन के संयोग सम्बन्धों को छोड़कर ही साधु बनता है। आत्मा को सघन कर्म बंधनों से बचाने के लिए साधु को तो अनासक्त होना ही चाहिए, गृहस्थ को भी चाहिए कि वह संसार में रहते हुए, समस्त कार्यों को संपादित करते हुए भी संसार से अनासक्त रहने का प्रयास करना चाहिए। जिस प्रकार कमल पत्र पानी में रहते हुए भी पानी से अलिप्त रहता है, उसी प्रकार आदमी भी संसार में रहते हुए भी संसार से अलिप्त रहने का प्रयास करे तो वह अपनी आत्मा को सघन कर्म बंधनों से बचा सकता है। कार्यक्रम में साध्वीवर्या ने सम्बोधित किया। प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड़, प्रेक्षा प्रशिक्षिका विमला दूगड़ व मुंबई महिला मण्डल अध्यक्ष रचना हिरण ने अभिव्यक्ति दी। महिला मण्डल व कन्या मण्डल ने गीत का संगान किया। संचालन मुनि दिनेश कुमार ने किया।
आचार्य राहुल बोधि एवं डाक्टर गौतम भंसाली का स्वागत प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन अध्यक्ष विनोद बोहरा युवक परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी जैन ख्यालीलाल तातेड के एल परमार मंत्री मनीष कोठारी संजय बडोला प्रकाश धाकड़ ने किया। किशनलाल डागलिया नवरत्न गन्ना विनोद बोहरा भूपेश कोठारी सुरेंद्र कोठारी महेश बाफना दीपक डागलिया भंवरलाल कर्नावट शांतिलाल कोठारी मोहनलाल डागा अर्जुनलाल चौधरी लादूलाल श्रीश्रीमाल रमेश बोहरा दलपत बाबेल बाबूलाल कच्छारा के सी बापना विनोद कच्छारा नरेंद्र तातेड गणेशलाल कोठारी बाबूलाल बापना देवेंद्र डागलिया राजेंद्र मुनोत तनसुख चोरड़िया योगेश चौधरी किशनलाल सूर्या विजय पटवारी थानमल बेद रमेश बोहरा जयचंद सांखला आदि भी उपस्थित रहे। पारसमल दुग्गड इंदरमल कच्छारा नवनीत कच्छारा मनोज लोढ़ा जवरीमल नौलखा महेंद्र कोठारी नीतू नाहटा अरुणा चोरड़िया अशोक हिरण हस्ती भंडारी विनीत सिंघवी अशोक कोठारी सुनील संचेती महेश मेहता सुदर्शन बांठिया गौतम भंडारी पुखराज सिरोहिया विद्या मेहता निशा दुग्गड उर्मिला भंडारी अलका पटावरी चिराग बापना जयचंद सांखला पुखराज बोहरा अनिल चोरड़िया सक्रिय रहे।

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