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'जो देश की चिंता नहीं करता, वह मिट जाता है
By EditorialPublished on
विश्व में भारत माता की जय होनी चाहिए। यह तभी संभव होगा जब भारत को वैभव संपन्न बनाया जाएगा। समाज को अपना स्वार्थ छोड़कर देश की चिंता करनी चाहिए, जो देश की चिंता नहीं करता है वह मिट जाता है। इसलिए हर व्यक्ति को देश की भलाई व विकास की चिंता राष्ट्र भावना के साथ करनी चाहिए।

रूद्रपुर (एजेंसी) । विश्व में भारत माता की जय होनी चाहिए। यह तभी संभव होगा जब भारत को वैभव संपन्न बनाया जाएगा। समाज को अपना स्वार्थ छोड़कर देश की चिंता करनी चाहिए, जो देश की चिंता नहीं करता है वह मिट जाता है। इसलिए हर व्यक्ति को देश की भलाई व विकास की चिंता राष्ट्र भावना के साथ करनी चाहिए।
सरसंघचालक मोहन राव भागवत (Sarsanghchalak Mohan Bhagwat) रविवार को दिनेशपुर स्थित द्रोण कालेज में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत वर्ष का हर व्यक्ति संघ के स्वयंसेवक की तरह व्यवहार करे। भारत का धर्म मानव धर्म है, क्योंकि यह सबकी कल्याण की बात करता है । हमें संस्कार व स्वभाव हमारी मातृभूमि ने दिया है। हिंदू राष्ट्र हमारा प्राण है। हिंदू डूबेगा तो हम सब साथ डूबेंगे। इसलिए इसका ध्यान रखना चाहिए। हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है । इस मातृभूमि में एक भी व्यक्ति हिंदू (Hindu) है तो भी यह हिंदू राष्ट्र है। संघ में चरण स्पर्श, फोटोग्राफी व आटोग्राफी नहीं होती। हम शक्ति प्रामाणिक तन-मन-धन है। हमें समाज का कार्य करना है हमारा शील | है जो महिलाओं को मातृशक्ति के रूप में देखता है । व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि दूसरे के धन को मिट्टी के समान देखें। संघ के पास कुशलता व विवेक है। चाहे कुछ भी हो जाए, संघ का कार्य कभी नहीं छोड़ना चाहिए। निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। ऐसा ध्येय मन में होना चाहिए। संघ संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करने के अलावा कुछ नहीं करेगा।

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