Pratahkal-Rajasthan Politics-Om Prakash Pahadiya-Break in Congress before elections: Former CM Pahadia's son joins BJP
कार्यालय संवाददाता जयपुर । विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा (BJP) लगातार दूसरी पार्टियों में सेंध लगाकर अपना कुनबा बढ़ा रही है। कुछ दिन पहले कांग्रेस (Congress) नेता सुभाष महरिया (Subhash Maharia) सहित कई रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने भाजपा ज्वाइन की थी। इसी क्रम में आज कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया (Jagannath Pahadia) के बेटे ओम प्रकाश पहाड़िया (Om Prakash Pahadiya) ने भाजपा ज्वाइन की है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रभारी अरूण सिंह और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने पहाड़िया समेत चार लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलवाई। इनमें कांग्रेस नेता बृजेन्द्र सिंह शेखावत, बसपा नेता अशोक वर्मा और रिटायर्ड आईएएस चंद्रमोहन मीणा भी शामिल है। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि कांग्रेस एक डूबता जहाज है। जिसका भविष्य अंधकार में है। वहीं भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वालों को पता है कि वे जिस पार्टी में जा रहे हैं। उसके पास मजबूत नेतृत्व है। भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। जबकि ये लोग जानते है कि कांग्रेस ने वादाखिलाफी की है। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त है। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कुशासन से परेशान होकर ये लोग भाजपा के साथ आए हैं। भाजपा का परिवार लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस सरकार से लोगों का विश्वास उठ गया है। अब सीएम सिर्फ खोखली घोषणाएं कर रहे हैं।
  • पहाड़िया - शेखावत लड़ चुके हैं कांग्रेस के टिकट पर चुनाव
पूर्व सीएम जगन्नाथ पहाड़िया के बेटे ओम प्रकाश पहाड़िया ने आईआरएस से वीआरएस लेकर 2013 में वैर, भरतपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। लेकिन वे भाजपा के बहादुर सिंह कोली से चुनाव हार गए थे। बाद में बहादुर सिंह कोली के सांसद निर्वाचित होने के बाद कांग्रेस ने उन्हें उप चुनाव में टिकट नहीं दिया था। वहीं इससे पहले 2008 में इसी सीट से जगन्नाथ पहाड़िया के छोटे बेटे संजय पहाड़िया भी चुनाव हार गए थे। 2008 से पहले इस सीट पर पहाड़िया परिवार का ही वर्चस्व हुआ करता था। वहीं भाजपा में शामिल हुए बृजेन्द्र सिंह शेखावत 2008 में गुढ़ा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे। लेकिन बसपा उम्मीदवार राजेंद्र गुढ़ा से चुनाव हार गए थे। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया।

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