Pratahkal-Pregnant women should recite Gita-Ramayana

नई दिल्ली (एजेंसी) । तेलंगाना की राज्यपाल तमिलीसाई सौंदराराजन ने कहा कि गर्भवती महिलाओं ('Pregnant women) को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बच्चे पैदा करने के लिए सुंदरकांड का जाप और गीता रामायण (Gita-Ramayana) जैसे महाकाव्य का पाठ करना चाहिए। वह रविवार को राष्ट्र सेविका समिति (Rashtra Sevika Samiti) के न्यास संवर्धिनी के राष्ट्रीय स्तर पर गर्भ संस्कार अभियान के शुभारंभ अवसर को संबोधित कर रही थीं। शुभांरभ कार्यक्रम इंटरनेट मीडिया के माध्यम से आयोजित था इस अवसर पर गर्भ संस्कार से जुड़ी दो पुस्तिकाओं का अनावरण भी हुआ । साथ ही पूरे अभियान पर प्रकाश डाला गया। संवर्धिनी न्यास के अभियान में एलोपैथ आयुर्वेद व होम्योपैथ के चिकित्सकों द्वारा गर्भवती माताओं का गर्भ संस्कार कराया जाएगा ताकि वे संस्कारी और देशभक्त बच्चों को जन्म दें। इसमें गीता और रामायण जैसे धर्मग्रंथों व महापुरूषों की जीवनियों का पठन संस्कृत मंत्रों का जाप तथा योगाभ्यास शामिल है। यह प्रक्रिया गर्भाधान से पहले से प्रसव के चरण तक शुरू होगी और तब तक जारी रहेगी, जब तक बच्चा दो वर्ष का नहीं हो जाता है। अभियान की दृष्टि से देश को पांच क्षेत्रों में बांटा गया है। हर क्षेत्र में 10 10 महिला चिकित्सक इस अभियान से जुड़ेंगी। प्रत्येक वर्ष प्रत्येक चिकित्सक द्वारा
10 से 20 गर्भ संस्कार कराए जाएंगे। अभियान के मार्गदर्शन के और निगरानी के लिए आठ सदस्यीय केंद्रीय टीम भी तैयार की गई है। तेलंगाना की राज्यपाल ने कहा कि गर्भावस्था के प्रति वैज्ञानिक और समग्र दृष्टिकोण के इस क्रियान्वयन से निश्चित ही देश को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हम आज भी गांवों में उस परंपरा को देखते आ रहे हैं, जिसमें गर्भवती माताएं रामायण- महाभारत के साथ अन्य महाकाव्यों का पाठ करते हुए अच्छी कहानियां पढ़ती हैं।
पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ राज्यपाल तमिलीसाई सौंदरराजन ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान सुंदरकांड का जाप तथा योग का अभ्यास गर्भवती मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक प्रभाव डालेगा। राष्ट्र सेविका समिति की बौद्धिक शाखा की सह-प्रमुख लीना गाहाने ने मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी की मां जीजाबाई की 350वीं पुण्यतिथि पर गर्भ संस्कार अभियान के शुभारंभ की सराहना की और आशा जताई कि इसके कार्यान्वयन से अगली पीढ़ी शिवाजी महाराज जैसे गुणों वाली होगी।
Editorial

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