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पायलट को लेकर कांग्रेस का स्पीच में कही सबसे बड़ा डर खत्म? लेकिन ....
By EditorialPublished on
राजस्थान की राजनीति (Politics of rajasthan) में दिलचस्पी रखने वाले लोग आज (रविवार को सुबह से ही टीवी के सामने बैठे हुए थे। ऐसा माना जा रहा था कि सूबे की सियासत में आज कुछ बड़ा होने वाला है। दरअसल, राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) अपने पिता राजेश पायलट (Rajesh Pilot) की पुण्यतिथि पर दौसा पहुंचे थे। राजनीतिक जानकारों का कहना था कि पायलट इस दिन कांग्रेस का साथ छोड़ देंगे।

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जयपुर : राजस्थान की राजनीति (Politics of rajasthan) में दिलचस्पी रखने वाले लोग आज (रविवार को सुबह से ही टीवी के सामने बैठे हुए थे। ऐसा माना जा रहा था कि सूबे की सियासत में आज कुछ बड़ा होने वाला है। दरअसल, राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) अपने पिता राजेश पायलट (Rajesh Pilot) की पुण्यतिथि पर दौसा पहुंचे थे। राजनीतिक जानकारों का कहना था कि पायलट इस दिन कांग्रेस का साथ छोड़ देंगे। वहीं यह भी कहा जा रहा था कि पायलट अपनी एक नई पार्टी बना सकते हैं। पुण्यतिथी कार्यक्रम समाप्त हो चुका है। ऐसे में कांग्रेस का जो सबसे बड़ा डर था वह खत्म होता दिख रहा है, लेकिन पायलट के स्पीच को सुनकर कांग्रेस आलाकमान को एक बात परेशान भी कर सकती है।
कांग्रेस का सबसे बड़ा डर खत्म ?
क्या सूबे का एक कद्दावर कांग्रेसी युवा नेता नई पार्टी बनाने वाला है? क्या गहलोत से नाराजगी एक नई पार्टी को जन्म देने जा रही है? राजनीतिक जानकार इन सवालों का जवाब देते हुए कहे थे कि पायलट अपने पिता की पुण्यतिथि के दिन कुछ बड़ा ऐलान करेंगे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) से जब पायलट वाला सवाल पूछा गया तब उन्होंने इसे अफवाह करार दिया। लेकिन पार्टी के अंदर और बाहर यह सवाल सबके जुबान पर था। पायलट के सपोर्ट में करीब दो दर्जन विधायक हैं। सूबे के पूर्वी हिस्सों में पायलट की स्थिति काफी मजबूत है। पायलट को सुनने-देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट जाती है। वह युवाओं के बीच एक चर्चित चेहरा हैं। ऐसे में आलाकमान नहीं चाहती थी कि पायलट कोई ऐसा कदम उठाएं जिससे कांग्रेस को नुकसान हो । पायलट ने वही किया जो आलाकमान चाह रही थी । राजेश पायलट की पुण्यतिथि के दिन पायलट के कांग्रेस छोड़ने की बात और नई पार्टी बनाने की बात अफवाह निकली।
एक परेशानी अब भी बरकरार
राजस्थान में नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं। सूबे में कांग्रेस की सरकार है। आलाकमान सरकार रिपीट करना चाहती है। ऐसे में गहलोत- पायलट के मनमुटाव से कहीं कांग्रेस को नुकसान न हो जाए इस डर को लेकर बीते दिनों दिल्ली में एक अहम बैठक हुई थी। सूत्रों ने बताया था कि बैठक में सुलह का फॉर्मूला भी तैयार किया गया था। लेकिन दोनों दिग्गज नेताओं को दिल नहीं मिल सका। अपने पिता की पुण्यतिथि पर पायलट ने बगैर नाम लिए सीएम गहलोत पर इशारों-इशारों में ही कई 'शब्द बाण' चलाए । पायलट ने कहा, मेरा जो वादा है उस पर न मैं पहले कभी पीछे हटा न आगे हटने वाला हूं। राजनीति में बहुत पद हैं, कई लोग आए और चले गए... लेकिन मैं ऐसा मानता हूं कि हम किसी पद पर हो या न हों लेकिन जनता हमको तौल कर रखती है कि तुम कहते क्या थे और करते क्या थे । पायलट ने आगे कहा, नौजवानों के साथ अगर कहीं धोखा हुआ है, उनकी मदद हम करते हैं तो कहते हैं कि मानसिक दिवालिया हो गया है। मैं अदब, आदर और सम्मान से अपनी बातों को रखता हूं। पायलट ने आगे कहा, परिस्थिति कोई भी हो... आप लोगों के लिए न्याय दिलाना, संघर्ष करना ये वादा मेरा कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा। आप लोग प्यार बना कर रखो। बता दें कि बीते दिनों पायलट ने पेपर लीक केस में जब मुआवजा देने की बात कही थी तब सीएम गहलोत ने मानसिक दिवालियापन कह कर पायलट पर अटैक किया था ।

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