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वसुंधरा के बाद अब पूनिया का भी कद बढ़ा
By EditorialPublished on
चुनावी साल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबको साधते हुए आगे बढ़ रही है। पहले वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) को झारखंड लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। अब पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) को उत्तर प्रदेश (UP) की चार लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है। आगामी दिनों में केन्द्र सरकार की योजनाओं की उपलब्धियां जन जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी अभियान के तहत राजस्थान के चुनिंदा नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी। राजे और पूनिया अब झारख

जयपुर ( कार्यालय संवाददाता) । चुनावी साल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबको साधते हुए आगे बढ़ रही है। पहले वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) को झारखंड लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। अब पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) को उत्तर प्रदेश (UP) की चार लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है। आगामी दिनों में केन्द्र सरकार की योजनाओं की उपलब्धियां जन जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी अभियान के तहत राजस्थान के चुनिंदा नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी। राजे और पूनिया अब झारखंड और यूपी के दौरे पर जाएंगे। वहां अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित सम्मेलनों की अगुवाई करेंगे।
- भाजपा ने पूनिया को इसलिए रखा आगे
भारतीय जनता पार्टी सतीश पूनिया को फ्रंट में रखते हुए आगे बढ़ रही है। चूंकि पूनिया को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद राजस्थान में जाट समाज के लोगों ने काफी विरोध किया था। चुनावी साल में पूनिया से बड़ी जिम्मेदारी छीनने का आरोप लगाते हुए आगामी चुनाव में सबक सिखाने जैसे बयान सामने आए थे। हालांकि पार्टी ने पूनिया को उपनेता प्रतिपक्ष बनाया और अब यूपी की 4 लोकसभा सीटों पर केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान का अगुवा नेता बनाया है। मई के अंतिम सप्ताह में पार्टी हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को झारखंड के 4 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी दी थी। ऐसे में अब सतीश पूनिया को पार्टी के लिए अहम नेता मानते हुए प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- हारी हुई सीटों पर भाजपा का विशेष फोकस
यूपी में भाजपा का उन विधानसभा सीटों पर ज्यादा फोकस है, जहां पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार हुई थी। सतीश पूनिया को मैनपुरी, अमरोहा और मुरादाबाद सहित चार लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों का जिम्मा सौंपा है। इस क्षेत्रों में 10 दिन तक दौरा करेंगे और जीत का मंत्र बताएंगे। दौरे के बाद पूनिया केन्द्र को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। केन्द्र की सत्ता में प्र.म. मोदी के 9 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अजमेर में आयोजित सभा में महासंपर्क अभियान का आगाज किया गया था। इस अभियान के तहत पार्टी जन जन से जुड़ने का प्रयास करेगी।
संघ से सीनियर कार्यकर्ता हैं
पूनिया सतीश पूनिया छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े हैं। संघ से जुड़े नेताओं को पार्टी में अहम स्थान दिया जाता है। पूनिया को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे भी संघ की ही भूमिका थी। केन्द्र सरकार की उपलब्धियों के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) 23 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) करेंगे। इस कॉन्फ्रेंसिंग को सैंकडों विधानसभा क्षेत्रों के हजारों ब्लॉकों से जोड़ा जाएगा। दावा किया जा रहा है कि 10 लाख से ज्यादा लोग वीसी से जुड़ेंगे और प्रधानमंत्री मोदी को लाइव सुनेंगे।

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