Pratahkal - Udaipur Main News - Gulab BaghTrain
उदयपुर : गुलाबबाग में बच्चों की ट्रेन (Children's Train in Gulab Bagh) पूरी तरह से पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है और बुधवार को इसका ट्रायल भी ले लिया। अब सिर्फ इस ट्रेन को अधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखाने का इंतजार है। निगम के नेता असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria) का इंतजार कर रहे है वे ही इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इधर निगम के नेता ट्रेन चलाने वाले ठेकेदार से बात कर रहे है कि वह कटारिया के हरी झंडी दिखाने तक ट्रेन को दिन में पांच बार फ्री में चलाए ताकी ट्रेन में खराबी ना आए।
जानकारी के अनुसार गुलाबबाग में बच्चों की ट्रेन लम्बे समय से बंद है। करीब पांच वर्ष से भी ज्यादा समय हो चुका है और लोगों को गुलाबबाग में बच्चों की ट्रेन चलने का इंतजार है। कई बार टेण्डर में बदलाव किय गया और आखिरकार ठेकेदार ट्रेन गुलाबबाग में लेकर आया और इसे पटरियों पर खड़ा किया गया। कई दिनों से लगातार इस ट्रेन को पटरियों पर चलाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन कोई ना कोई परेशानी आ रही थी । आखिरकार सफलता मिली और बुधवार को निर्जला एकादशी के दिन इस ट्रेन को सफलतापूवर्क ट्रायल लिया गया, जिसमें बच्चों की ट्रेन पटरियों पर दौड़ी। इसमें निगम महापौर जीएस टांक और गैराज समिति अध्यक्ष मनोहर चौधरी
(Manohar chaudhary)
उपस्थित रहे थे। इस ट्रेन में गुलाबबाग में आए देश- विदेशी सैलानियों को बैठाकर तीन चक्कर काटे और सफलतापूर्वक ट्रेन चली। अब इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का इंतजार है।
बताया जा रहा है कि निगम के नेता असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का इंतजार कर रहे है। राज्यपाल कटारिया का अभी उदयपुर (Udaipur) आने का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। ऐसे में स्थानीय नेताओं की इतनी हिम्मत नहीं है कि वे बिना कटारिया के सहमति के इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर चला सकें। बताया जा रहा है कि कटारिया का जून माह के आखिर में फिर से उदयपुर आने का कार्यक्रम है और वे जून माह के आखिर में आएंगे तक इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ऐसे में तब तक ट्रेन खड़ी नहीं रह सकती है। ऐसे में निगम के नेताओं का कहना है कि वे ट्रेन के ठेकेदार से बात करेंगे और इस ट्रेन को कटारिया द्वारा अधिकारिक रूप से हरी झंडी ना दिखाए तब तक प्रतिदिन गुलाबबाग में पांच चक्कर फ्री में लगवाने और सैलानियों को घुमाने का प्रस्ताव रखेंगे। यदि ठेकेदार तैयार हुआ तो ठीक अन्यथा करीब 25 दिनों तक यह ट्रेन खड़ी ही रहेगी।
पूर्व में किया था प्रयास पर फंस गई
जब मई माह में असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का छः दिवसीय दौरा उदयपुर का था तो उस दौरान नगर निगम ने कटारिया से हरी झंडी दिखाने के प्रयास के लिए इस ट्रेन को ट्रेक पर चलाने का प्रयास किया था, लेकिन ट्रेक में बार-बार ट्रेन फंस रही थी, जिससे सफलता नहीं मिल पाई। इसी कारण ट्रेन का संचालन नहीं हो पाया।
सैलानियों को रहता है इंतजार :
गुलाबबाग में बच्चों की ट्रेन का शहरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले सैलानियों को काफी इंतजार रहता है। देशी पर्यटक जो एक बार उदयपुर आकर गुलाबबाग में घूमता वह इस ट्रेन का सफर जरूर करता है। पांच सालों से बंद पड़ी इस ट्रेन के कारण कई सैलानी निराश होकर जाते है। यदि गुरुवार से ही शुरू कर की जाए तो सैलानियों को निराश होकर नहीं जाना पड़ेगा।
बिना सहमति की किसी की हिम्मत नही :
इधर भाजपा नेताओं में इस बात को लेकर चर्चा है कि दिन कटारिया की सहमति के इस ट्रेन को चलाया नही जा सकता है। यदि असम से ही कटारिया इस ट्रेन को चलाने के निर्देश देते है तो जरूर यह चल सकती हैं। बाकी स्थानीय नेताओं में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे इस ट्रेन का संचालन कर दे।
Editorial

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