Sachin Pilot
राजस्थान (Rajasthan) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा । अब जबकि राज्य में विधानसभा (Assembly) को 6 महीने रह गए हैं, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी अशोक गहलोत के साथ ही खड़ा दिख रहा है। इन हालात में सचिन पायलट के सामने अब बहुत कम विकल्प रह गए हैं। सब जानना चाहते हैं कि उनका अगला कदम क्या होगा। इस सिलसिले में 11 जून को अहम दिन माना जा रहा है। दरअसल, 11 जून को सचिन पायलट के पिता और कांग्रेस के सीनियर नेता रहे राजेश पायलट की पुण्यतिथि है। सियासी गलियारों में अब कुछ इस तरह की सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि क्या उस दिन सचिन पायलट कांग्रेस
(Congress)
के सामने अपना कोई नया मोर्चा खड़ा कर सकते हैं? इस सुगबुगाहट को तब और बल मिला, जब सचिन पायलट की राजनीतिक ब्रैंडिंग का जिम्मा एक ऐसी बड़ी कंपनी ने लिया, जो पिछले कुछ सालों में बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के साथ काम कर चुकी है। तो क्या सचिन की कांग्रेस से विदाई तय हो गई है ? सचिन के करीबियों का कहना है कि अगर वह पार्टी छोड़ते भी हैं, तो किसी भी सूरत में भाजपा में नहीं जाएंगे। ऐसे में सबसे ज्यादा संभावना उनके अपनी पार्टी बनाने की ही बताई जाती है। कहा यह भी जा रहा है कि 13 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka assembly election) का परिणाम आने के बाद सचिन पायलट पार्टी नेतृत्व से आर-पार की बात कर सकते हैं।
Editorial

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