Dearness Relief Camp - CM Ashok Gehlot

जयपुर (कास) । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कहा कि महंगा राहत शिविरों से राज्य सरकार प्रत्येक वर्ग को राहत देने का कार्य कर रही है। आमजन को अधिक से अधिक महंगाई राहत शिविरों में पंजीकरण करवाकर अपने हक का लाभ लेना चाहिए। राज्य सरकार की योजनाओं से हर वर्ग के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
गहलोत रविवार को धौलपुर के मरैना में महंगाई राहत कैम्प का अवलोकन कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न लाभार्थियों से संवाद किया तथा उनको मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड सौंपे। शिविर में उपस्थित लाभार्थियों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें महंगाई की मार से राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से संवाद के दौरान योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
  • आमजन को शिविरों में मिल रही राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगाई राहत शिविरों में पंजीकरण करवानें के बाद चिरंजीवी योजना में 25 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज के साथ ही 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा मिल सकेगा। उज्वला एवं बीपीएल परिवारों को 500 रुपए में गैस सिलेण्डर, 1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को बढ़ी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसानों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को क्रमशः 2000 यूनिट तथा 100 यूनिट निःशुल्क बिजली, मनरेगा में 125 दिवस का रोजगार, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत 100 दिन का रोजगार सहित कुल 10 जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजन को महंगाई राहत शिविरों में जोड़ा जा रहा है। इससे आमजन को बचत हो रही है, जिससे वे अपना जीवनस्तर ऊपर उठा सकते हैं।
  • ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दे केन्द्र सरकार
गहलोत ने कहा कि पूर्वी राजस्थान (Rajasthan) नहर परियोजना (ई. आर. सी.पी.) पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों की जीवनरेखा है। केन्द्र सरकार को ई.आर.सी.पी. को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देना चाहिए, ताकि राज्य के एक बड़े क्षेत्र में सिंचाई जल एवं पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं अपनी सभाओं में ई. आर. सी.पी. को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की बात अपने सीमित संसाधनों से ई. आर. सी. पी. का निर्माण जारी रखेगी। कह चुके हैं। राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलने तक राज्य सरकार अब तक बजट में ई.आर.सी.पी. के लिए 13 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा चुका है।
  • काली तीर परियोजना से होगी सुचारू जल आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धौलपुर जिले में जलापूर्ति हेतु काली तौर परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। जल्द ही इस योजना को शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को सुचारू जल आपूर्ति हो सकेगी तथा जलस्तर भी बढ़ेगा। इससे जिले के 200 गांवों में पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
  • राज्य सरकार की योजनाएं देश में चर्चा का विषय
गहलोत ने कहा कि आज राजस्थान सरकार की योजनाएं पूरे देश में चर्चा का विषय हैं। मानवीय दृष्टिकोण से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की गई है। महिला सशक्तीकरण को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में चरणबद्ध रूप से 1.35 करोड़ महिलाओं को तीन साल के इंटरनेट डेटायुक्त स्मार्टफोन निःशुल्क देने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष रक्षाबंधन पर 40 लाख महिलाओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे। महंगाई एवं बेरोजगारी के इस दौर में लगभग 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया गया है। निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लिए 100 मेगा जॉब फेयर राज्य में आयोजित करने की घोषणा की गई है। इन जॉब फेयर में अब तक.
Editorial

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