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राजस्थान में लू की जगह चक्रवात 'मोचा' की एंट्री
By EditorialPublished on
राजस्थान (Rajasthan) में इस बार मार्च से अब तक लगातार आ रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेस (Western disturbs) और दक्षिण राजस्थान में बने दो से ज्यादा साइक्लोनिक सिस्टम के कारण अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट देखें तो एक मार्च से लेकर 3 मई तक राजस्थान में सामान्य से चार गुना ज्यादा पानी बरस चुका है।
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जयपुर : राजस्थान (Rajasthan) में इस बार मार्च से अब तक लगातार आ रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेस (Western disturbs) और दक्षिण राजस्थान में बने दो से ज्यादा साइक्लोनिक सिस्टम के कारण अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट देखें तो एक मार्च से लेकर 3 मई तक राजस्थान में सामान्य से चार गुना ज्यादा पानी बरस चुका है।
इधर, मौसम विभाग (Weather department) की रिपोर्ट के मुताबिक मई के दूसरे सप्ताह तक लू का असर नहीं रहेगा, लेकिन बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में 9 मई तक चक्रवात बनने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि 9 मई को चक्रवात आने की संभावना है और जल्द ही इसके रूट की भविष्यवाणी की जाएगी।
चक्रवात के उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। महापात्र ने कहा, 6 मई को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। चक्रवात का नाम मोचा होगा। यह नाम यमन ने लाल सागर के एक पोर्ट सिटी के नाम पर रखा है।
तीन दिन की बारिश में 2 महीने का कोटा पूरा
इन 64 दिन के अंदर पूरे राजस्थान में औसत बारिश 10.1 मिमी बरसात होती है, लेकिन इतनी बरसात (Rain) तो एक से 3 मई के दौरान ही हो गई। पूरे 64 दिन की रिपोर्ट देखें तो औसतन 43 मिमी पानी गिर चुका है बारिश आंधी का ये सिलसिला फिलहाल दो-तीन दिन और बना रहेगा मौसम केंद्र जयपुर (Jaipur) ने 6 मई तक राजस्थान के कई शहरों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
जिलेवार रिपोर्ट देखें तो राजसमंद, अलवर, नागौर, बूंदी, जयपुर समेत 10 जिलों में औसत बारिश 50 मिमी से ज्यादा हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान में बारिश की सबसे बड़ी वजह इस बार दक्षिण राजस्थान पर बने दो बड़े सिस्टम रहे हैं गुजरात, राजस्थान की सीमा पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण इन सिस्टम को अरब सागर से अच्छी नमी मिली, इसके कारण दक्षिण- पूर्वी राजस्थान में बरसात हुई। इसके अलावा उत्तर भारत में आए बैक टू बैक वेस्टर्न डिस्टर्बेस के साथ ही पंजाब- पाकिस्तान एरिया में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन बनी। इसके असर से उत्तर-पश्चिम राजस्थान में पिछले दिनों में तेज बारिश हुई।
एक सप्ताह से तापमान 40 डिग्री से नीचे
बारिश- आंधी और ओलावृष्टि के कारण ही पिछले एक सप्ताह से राजस्थान में टेम्प्रेचर 40 डिग्री तक नहीं पहुंच पाया। पिछले सप्ताह 27 अप्रैल को चूरू में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री पर आया था, जिसके बाद से राज्य के किसी भी शहर में पारा 40 पर नहीं आया।
कुछ शहरों में तो दो-तीन दिन से दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया, जो अमूमन सर्दियों के मौसम में रहता है।

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