Pratahkal - Udaipur - Mafia is running the money of police officers on interest in the market

उदयपुर : शहर में कुछ लोगों ने एक ब्याज माफिया (Mafia) पर आरोप लगाया कि वह पुलिस अधिकारियों (Police officers) का पैसा लोगों को ब्याज पर देकर 1 से 60 प्रतिशत का ब्याज वसूल रहा है। पूरा पैसा ब्याज सहित देने के बाद भी ब्याज माफिया दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण दर्ज करवाकर ब्लैकमेल कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का पैसा होने और मिलीभगत होने के कारण पुलिस भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है, जिससे लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है। वहीं जिस पर आरोप लगाया उसका कहना है कि इन लोगों को पैसों की आवश्यकता थी और वे खुद लेने आए थे। इन लोगों द्वारा खुद ही अपनी ओर से दस्तावेज रखे थे।
ब्याज माफिया अजीत सिंह आनंद
(Ajit Singh Anand)
से परेशान भूरीलाल शर्मा, विकास नलवाया, पूरण जोशी, गिरधारीलाल चौधरी, नवीन सरूपरिया ने बताया कि अजीत सिंह ने इन लोगों से सम्पर्क कर पहले कम ब्याज पर पैसा दिया, इसके एवज में चैक व स्टॉम्प ले गया। बाद में उन्होंने धीरे-धीरे कर अजीत सिंह ने पैसा चुका दिया तो भी अजीत सिंह का कभी भी मूल रकम खत्म नहीं होता ह और उस पर लगतार ब्याज वसूलता रहता है। इन लोगों का कहना है कि उन्होंने सारा पैसा कैश में दिया, जिसकी कहीं पर भी कोई एंट्री नहीं है। ऐसे में अजीत सिंह आनंद लगातार इन पर पैसों के लिए दबाव बनाता रहता है। अजीत सिंह के खिलाफ थानों में प्रकरण दर्ज करवाए गए, पर पुलिस भी इसी की सुनती है।
व्यापारियों का आरोप है कि अजीत सिंह आनंद कुछ पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों का पैसा बाजार में चलाता है, ऐसे में जो भी शिकायत करने जाता है पुलिस उसकी सुनवाई करने के बजाए अजीत सिंह की मदद करते हुए उल्टा व्यापारियों को ही दबा रही है और हर बार समझौता करने पर दबाव बनाती है । व्यापारियों का कहना है कि हर बार अलग-अलग समझौता कर अजीत सिंह ने इन व्यापारियों के प्रोपर्टी के दस्तावेज, चैक, स्टॉम्प सहित अन्य दस्तावेज ले लिए, जिनका दुरूपयोग कर लोगों को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित कर रहा है। कुछ व्यापारियों ने इस डर से आत्महत्या तक कर ली है।
व्यापारियों का कहना है कि कुछ ने हिम्मत कर मामला भी दर्ज करवाया गया, लेकिन सवा माह गुजरने के बाद भी अ सिंह के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है और उल्टा पुलिस (Police) ही उन पर समझौ करने का दबाव बना रही है। इससे प्रताड़ित होकर सभी व्यापारी जयपुर (Jaipur) में जाकर पुलिस महानिदेशक से मिले और इस ब्याजखोर माफिया के खिलाफ कार्यवाही की मांग, जिस पर पुलिस महानिदेशक ने इस प्रकरण की जांच प्रतापगढ़ एसपी को दी है। इधर अजीत सिंह आनंद का कहना है कि यह सारे आरोप गलत है और ये खुद उसके पास आकर पैसा लेकर गए थे, जिसके एवज में जमीन के दस्तावेज रखकर गए थे। अब पैसा देना नहीं चाहते है।

Editorial

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