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मुंबई । बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक (Bandra-Versova Sea Link) का नाम अब से वीर सावरकर सेतु (Veer Savarkar Setu) से जाना जाएगा। महाराष्ट्र (Maharashtra) की शिंदे सरकार ने बांद्रा से वर्सोवा के बीच बनने वाले सी लिंक प्रोजेक्ट को वीर सावरकर नाम देने का निर्णय किया है। सावरकर की जयंती के मौके पर राज्य सरकार का सावरकर को सम्मान देने की पहल के तहत यह निर्णय लिया गया है। इस ब्रिज के नाम बदलने की चर्चा बहुत पहले से चल रही थी। महाराष्ट्र सरकार ने इस खास अवसर पर बांद्रा-वर्सोवा लिंक के नाम बदलने पर अपनी मुहर लगा दी है। सीएम के इस फैसले का पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने स्वागत किया है।
  • शिंदे ने निकाली सावरकर गौरव यात्रा
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में वीर सावरकर के विचारधारा की काफी अहमियत है। कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी जब भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) निकाल रहे थे। तब उन्होंने वीर सावरकर को लेकर एक बयान दिया था। इस पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी के इस बयान का जमकर विरोध किया था। उन्होंने महाराष्ट्र में सावरकर गौरव यात्रा भी निकाली थी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के वीर सावरकर वाले बयान पर पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने भी विरोध जताता था। उद्धव गुट की शिवसेना (Shiv Sena) ने दिल्ली में होने वाली कांग्रेस के नेतृत्व में डिनर पार्टी में भी हिस्सा लेने से मना कर दिया था। उद्धव गुट की शिवसेना ने वीर सावरकर को अपना आदर्श बताया था। साथ ही कहा था कि कांग्रेस को सावरकर के खिलाफ विवादित बयान देने से बचना चाहिए।
  • संघ और बीजेपी सावरकर को देती है खास महत्व
विनायक दामोदर सावरकर क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी और समाजसुधारक थे। उन्हें वीर सावरकर के नाम से जाना जाता है। वीर सावरकर के विचारों को संघ और बीजेपी (BJP) खासा महत्व देती है। इसी के चलते महाराष्ट्र सरकार ने बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक का नाम वीर सावरकर के नाम पर रखे जाने का ऐलान किया है।
Editorial

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