Strict action on banned single use plastic
जयपुर : नगर निगम ग्रेटर द्वारा 01 जुलाई 2022 से प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक (Strict action on banned single use plastic) का उपयोग करने वाले दोषियों के विरूद्ध ग्रेटर क्षेत्र के सात जोनों में गठित टास्क फोर्स द्वारा निरीक्षण कर अब तक कुल 1 हजार 856 से भी अधिक चालान काटे गये हैं। तथा 492 किलों से भी अधिक प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक को जब्त किया गया हैं। तथा 8 लाख 36 हजार रूपये से भी अधिक जुर्माना राशि वसूल की गई। नगर निगम ग्रेटर आयुक्त महेन्द्र सोनी ने बताया की भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा 01 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं के विनिर्माण, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री और उपयोग को निषेध किया गया है। जिसकी अनुपालना में नगर निगम ग्रेटर जयपुर
(Jaipur)
द्वारा 7 जोनों में टास्क फोर्स का गठन किया गया हैं। जिसके अन्तर्गत जोन उपायुक्त राजस्व अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक, वार्ड सफाई निरीक्षक, कांस्टेबल की टीम गठित की गई हैं। जिनके द्वारा दिन प्रतिदिन सब्जी मण्डी, फल मण्डी, रेस्टोरेंट, होटल इत्यादि स्थानों पर निरीक्षण किये जाते हैं।
अब तक नगर निगम ग्रेटर की टीमों द्वारा 1 हजार 856 से भी अधिक निरीक्षण किये गये हैं। तथा गठित टीमों द्वारा 1 हजार 856 से भी अधिक चालान कर दोषियों (Convicts) से 8 लाख 36 हजार रूपयें से अधिक जुर्माना राशि वसूल की हैं। उन्होंने बताया की प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के संबंध में मैरिज गार्डन संचालकों, व्यापारिक मण्डल, स्कूल संचालक, स्ट्रीट वेण्डर, होटल, रेस्टोरेंट ढाबा संचालकों व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जन जागरूकता के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की गई। जिसमें प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की समझाईश की गई।
गौरतलब हैं कि भारत सरकार (Government) के पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा 01 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं के विनिर्माण, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री और उपयोग को निषेध किया गया है। जिसमें प्लास्टिक युक्त ईयर बडस, गुब्बारों के लिये प्लास्टिक की डंडियाँ, प्लास्टिक के झण्डे, कैन्डी स्टीक, आईसक्रीम की डंडियाँ, पॉलीस्टाइरीन की सजावटी सामग्री, मिठाई के डिब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने अथवा पैक करने वाली फिल्में, 100 माईक्रोन से कम मौटाई वाले पी.वी.सी. बैनर सम्मिलित हैं।

Editorial

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