800 tons of garbage

जोधपुर : जोधपुर शहर (Jodhpur City) में वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों (Cleaning staff) के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कुछ क्षेत्रों में वार्ड प्रभारियों ने सांकेतिक सफाई करने का प्रयास किया लेकिन वह भी फेल रहा। पिछले 2 दिन से जोधपुर शहर जिस समस्या से जूझ रहा है उसका समाधान मंगलवार को भी होता नहीं दिख रहा । वाल्मीकि समाज जिन मांगों को लेकर झाडू डाउन हड़ताल कर रहा है वह मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से दूसरे दिन किसी प्रकार की वार्ता का न्योता भी नहीं दिया गया। जोधपुर शहर की अधिकांश सड़कों और मोहल्लों पर गंदगी के ढेर लग गए हैं जो कि अब दुर्गंध मारने लगे हैं। सफाई कर्मचारियों आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नरेश कंडारा ने बताया कि सोमवार शाम को जो निगम अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी उसमें कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद से किसी प्रकार की बातचीत के प्रयास नहीं हुए। जब तक सभी मांगें नहीं मान ली जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा।
गली मोहल्लों में बिगड़ने लगे हालात:
रविवार के अवकाश के कारण सफाई कर्मचारी अवकाश पर थे। इसके बाद सोमवार से ही आंदोलन शुरू हो चुका है 2 दिन में जोधपुर शहर की गली एवं सड़कों पर 800 टन से ज्यादा कचरा जमा (More than 800 tonnes of garbage accumulated) हो चुका है।
सांकेतिक सफाई मगर वह भी फेलः
नगर निगम के सफाई प्रभारी और कुछ वार्ड प्रभारियों ने सांकेतिक रूप से सरदारपुरा क्षेत्र में सफाई की। लेकिन उसका भी ज्यादा फायदा नहीं हुआ। इस आंदोलन को तोड़ने के वह प्रयास भी फेल नजर आए।
यह है प्रमुख मांग
वाल्मीकि समाज की मांग है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में जो सफाई कर्मचारियों की भर्ती हो उसमें 100त्र आरक्षण उनके समाज को दिया जाए। इसके अलावा नगर निगम जोधपुर में वर्तमान में गैर वाल्मीकि जो कि सफाई कर्मचारी के पद पर भर्ती है लेकिन अपना मूल काम नहीं कर रहा है उसे कार्यालय से हटाकर फील्ड में भेजा जाए।
Editorial

Editorial

Next Story