Pratahkal-Accused of Robbery of 92 lakhs in jewelery shop Arrested from Rajasthan
मुंबई । गोरेगांव पुलिस ने गोरेगांव में करधर ज्वेलर्स में 92 लाख रुपये की लूट (Robbery) के फरार आरोपियों को एकदम फिल्मी स्टाइल में राजस्थान से धर दबोचा है। जोन XI के पुलिस अधिकारियों ने बाकायदा पारंपरिक राजस्थानी परिधान में भेष बदल कर राजस्थान में कई ठिकानों पर और खास तौर पर राजसमंद शहर में संदिग्ध आरोपी की तलाश की और उसे उस वक्त गिरफ्तार (Arrested) किया जब आरोपी राजस्थान (Rajasthan) से निकल भागने की फिराक में था।
मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार संदिग्ध आरोपी का नाम सुरेश लोहार (30) है। लोहार पहले भी साल 2018 में वडाला में एक इसी तरह की लूट और डकैती में शामिल रहा है। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और कई महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत पर छूटा था। आरोपी ने बडे ही योजनाबद्ध तरीके से करधर ज्वेलर्स में लूट को अंजाम दिया है। इस बार पकड़े जाने से बचने के लिये उसने वारदात के बाद अपना मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया। बल्कि वह राजस्थान में टैक्सी और ऑटो ड्राइवर्स, ट्रक ड्राइवर्स के मोबाइल से एक
कॉमन नंबर से बात करता था। पुलिस ने जब इस कॉमन नंबर को ट्रेस किया तो पुलिस को लोहार की प्रेमिका का पता चला। वारदात के बाद सीधे गांव लौटने के बजाये लोहार ने पहले अपनी प्रेमिका से मुलाकात की थी और लूट के स्वर्णाभूषण उसे रखने के लिये दिये थे। लोहार की इस दोस्त ने यह स्वर्णाभूषण अपनी मां के पास रखे थे।
पुलिस ने इसी तरह लोहार के एक दोस्त पर भी शिकंजा कसा था। लोहार का यह दोस्त एक टूरिस्ट ड्राइवर है। लोहार ने उससे मिलकर राजस्थान से निकल भागने की सारी प्लानिंग कर रखी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने इसके लिये सारा दिन इंतजार किया था और करीब दो -तीन दिन के इंतजार के बाद लोहार पुलिस के हत्थे चढ़ा था।
जांच में लोहार ने बताया कि वह पहले करधर ज्वेलर्स लूट के शिकायतकर्ता के भाई की जूलरी शॉप में नौकरी कर चुका था। इसलिये वह राजसमंद जिले के सलोदा निवासी संजय पूनमचंद कागरेचार (43) की करधर ज्वेलर्स के कर्मचारी श्रवणकुमार खरवड से परिचित था क्योंकि दोनों राजस्थान के राजसमंद जिले के चारभुजा की भागल (मनावतों का गुड़ा) के रहनेवाले हैं।
लोहार ने लूट के इरादे से मुंबई (Mumbai) पहुंचकर पहले गोरेगांव में खरवड से मुलाकात की थी। वारदात के दिन दोनों पहले मुंबई के कमाठीपुरा इलाके में गये थे। वहां से दोनों रात में करधर ज्वेलर्स शॉप में एक टैक्सी में लौटे थे। लौटने के बाद लोहार ने एक केमिकल से सना कपड़ा खरवड के मुंह पर लपेट दिया जिससे खरवड बेहोश हो गया। इसके बाद लोहार ने करधर ज्वेलर्स से 37 किलोग्राम चांदी और 250 ग्राम के स्वर्णाभूषण समेटे और फिर जिस टैक्सी से आया था उसी टैक्सी में बैठकर फरार हो गया। वहां से निकलकर वह दहिसर चेकनाका तक गया जहां उसने टैक्सी छोड दी और एक ऑटो रिक्शा में सवार होकर मुंबई – अहमदाबाद एक्सप्रेस हाइवे पर चारोटी पहुंचा। यहां से उसने एक बोलेरो पिकअप गाडी ली और राजस्थान के लिये निकल गया। पुलिस ने सीसीटीवी जांच से इस सारे रूट का पता लगाया और टैक्सी, ऑटो और बोलेरो ड्राइवर की शिनाख्त कर उनसे पूछताछ की। यहां से जानकारी मिली कि लोहार राजस्थान के राजसमंद शहर में है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां डेरा डालकर आखिरकार काफी मशक्कत और इंतजार के बाद लोहार को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने लोहार को फिलहाल पुलिस हिरासत में रखने के निर्देश दिये हैं।

Editorial

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