Pratahkal-Maharashtra-Mumbai-Ashish Shelar meets Sharad Pawar
मुंबई । जब सरगर्मियां ऐसी बढ़ेंगी तो चर्चा तो होगी। जब मुंबई बीजेपी (BJP) अध्यक्ष आशीष शेलार एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से मिलने (Ashish Shelar meets Sharad Pawar) उनके निवास सिल्वर ओक (Silver Oak) पहुंचेंगे तो लोग सवाल तो करेंगे।
मुंबई की बारिश जिस तरह अनप्रेडिक्टेबल है, उसी तरह महाराष्ट्र की राजनीति (Politics of Maharashtra) कब किस करवट बैठ जाए, कहना मुश्किल है। शरद पवार एक तरफ बीजेपी को चुनौती देने के लिए राज्य में महाविकास आघाड़ी और देश भर में विपक्षी गठबंधन को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी के नेताओं से मिलने-मिलाने में भी लगे हुए हैं। पर्दे के पीछे आखिर चल क्या रहा है?
जो प्रारंभिक जानकारियां सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक यह मुलाकात राजनीतिक वजहों से नहीं हुई है। इस मुलाकात की वजह भारत में होने वाला आगामी क्रिकेट वर्ल्ड कप, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाला मैच, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के कुछ मुद्दों को लेकर आशीष शेलार की ओर से शरद पवार से मुलाकात की गई है।
बता दें कि इस मुलाकात के दौरान एनसीपी के अंदर कई तरह की उठापटक का दौर शुरू है। एनसीपी प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील से ईडी ने साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा चुकी है। इसी दरम्यान शरद पवार ने भी पार्टी प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के नेताओं पदाधिकारियों के आग्रह के बाद शरद पवार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था। इस बीच पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी लीडर अनिल देशमुख ने भी दावा किया कि उन्हें दो साल पहले बीजेपी में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। उन्हें अपने साथ कई विधायकों को भी बीजेपी में लाने को कहा गया था।
  • शरद पवार के दिल में है क्या, देवो ना जानाति, कुतो मनुष्य:
कुछ दिनों पहले अजित पवार की बीजेपी में जाने की चर्चा काफी तेजी से उठी थी। बाद में अजित पवार (Ajit Pawar) ने ही चर्चा का खंडन कर दिया। उन्होंने कह दिया कि वे जब तक जिएंगे, एनसीपी में ही रहेंगे। लेकिन शरद पवार अगर खुद एनसीपी (NCP) प्रमुख होकर बीजेपी नेताओं से हिलेंगे-मिलेंगे तो इसका मतलब लोग क्या समझेंगे? यही ना कि पर्दे के पीछे कुछ न कुछ तो चल रहा है। फिलहाल तो शरद पवार के मुंह से इन दिनों बीजेपी के लिए कटाक्ष ही निकल रहा है। पर शरद पवार जो कर रहे होते हैं, वो नहीं करने वाले होते हैं। जो करने वाले होते हैं, उसका हिंट भी सामने आने नहीं दिया करते हैं।

Editorial

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