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रेलयात्रा 3 : ट्रेन में साफ-सुथरे, सुसजित बाथरूम
By EditorialPublished on
हमें कोई सीट नं. नहीं दिया गया था। कन्डक्टर एक कोच के दरवाजे पर खड़ा हो गया और एक एक करके सबको ट्रेन में प्रवेश देने लगा। हमारे टिकिट पहले ही द्वार पर चेक हो गये थे। शुरू शुरू में ट्रेन में चढ़ने वाले सभी यात्रियों ने खिड़की वाली सीटों पर कब्जा कर लिया था। इतनी लम्बी यात्रा कर ही इसलिये रहा था कि इसका आनन्द उठा सकूं । ऐसे में खिड़की वाली सीट नहीं मिले तो सारा मजा किरकिरा हो जायेगा, इसी आशंका के साथ मैं अपना नम्बर आते ही जल्दी जल्दी और खिड़की वाली सीट खाली दिखाई दी उधर ही दौड़ पड़ा। सौभाग्य से खिड़की वाली कई स


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