Pratahkal - Main News - Siddaramaiah & Shivakumar

बेंगलुरू : कर्नाटक (Karnataka) में नई सरकार (Government) के गठन के बाद 16वीं विधानसभा (Assembly) का सत्र शुरू हो गया है। सोमवार को सीएम सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) और डिप्टी सीएम शिवकुमार (Deputy CM Shivakumar) के साथ कुल 8 मंत्रियों ने विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ लिया। हालांकि प्रदेश सीएम की कुर्सी का युद्ध खत्म होने के बाद अब मंत्रालय को लेकर पार्टी के विधायकों में नाराजगी सामने आने लगी है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (India Congress Committee) के महासचिव और 6 बार के विधायक दिनेश गुंडु राव ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मंत्रियों की पहली लिस्ट में उनका नाम होगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में मंत्री पद ना मिलने से नाराजगी
उन्होंने कहा, मैंने साल 2019 में नैतिकता के आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी (Congress committee) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि मेरी निगरानी में 15 विधायकों ने दल बदल लिया था। मैं इस बात से निश्चिंत था कि पार्टी के आलाकमान मेरे योगदान को याद रखेंगे। उनकी तरह, भद्रावती विधायक बीके संगमेश्वर ने पार्टी में उनके योगदान के बदले मंत्रालय पद नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, मैं चार बार का विधायक हूं और पूर्व स्पीकर कागोडु थिमप्पा के बाद, शिवमोग्गा से सबसे अधिक बार निर्वाचित होने का रिकॉर्ड रखता हूं। मैं सिद्धारमैया, शिवकुमार और पार्टी नेतृत्व से आग्रह करता हूं कि वे मुझे पहचानें। संगमेश्वर ने पार्टी नेतृत्व को याद दिलाने की कोशिश की कि वह 2008 और 2018 में भाजपा द्वारा कथित रूप से लुभाए जाने वाले पहले विधायकों में से एक थे, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि शिवमकुमार इस बात पर अड़े रहे कि किसे शामिल किया जाएगा या कैबिनेट का विस्तार कब होगा, यह जल्द ही होगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री बनने के लिए उनके और सिद्धारमैया के घर के सामने कतार लगाने का कोई मतलब नहीं है ।
Editorial

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