✕
बांधों की सुरक्षा के लिए मिशन मोड में काम कर रही केन्द्र सरकार - शेखावत
By EditorialPublished on
देश में बांधों की भूकंप और अन्य आपदाओं से सुरक्षा का राष्ट्रीय केन्द्र जयपुर (Jaipur) के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) की मौजूदगी में आज जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण और एमएनआईटी (MNIT) के बीच एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि केन्द्र सरकार (Central government) बांधों की सुरक्षा और रख-रखाव के प्रति मिशन

x

जयपुर : देश में बांधों की भूकंप और अन्य आपदाओं से सुरक्षा का राष्ट्रीय केन्द्र जयपुर (Jaipur) के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) की मौजूदगी में आज जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण और एमएनआईटी (MNIT) के बीच एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि केन्द्र सरकार (Central government) बांधों की सुरक्षा और रख-रखाव के प्रति मिशन मोड में काम कर रही है। कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के तीसरे सबसे अधिक बांधों वाला देश है। यहां छह हजार से अधिक बांध है। 25 प्रतिशत से अधिक बांध ऐसे हैं, जिनकी 50 प्रतिशत से ज्यादा की समय अवधि पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने बांधों की सुरक्षा को लेकर संकल्प लिया और वर्ष 2021 में बांध सुरक्षा से संबंधित कानून बनाया। उन्होंने कहा कि बांधों के रख रखाव से तात्पर्य उसके ढांचे की सुरक्षा ही नहीं है, बल्कि उसके सिस्टम को ठीक रखना भी है। इससे बाढ़ जैसी आपदाओं से भी बचा जा सकेगा।
केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि स्थापित होने वाले इस केन्द्र को जलशक्ति मंत्रालय से 30 करोड़ की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस केंद्र के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए शेखावत ने बताया कि केंद्र के माध्यम से बांध अभियंताओं और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर समग्रता से काम करना, भारत में बांधों की संरचनात्मक और भूकंप सुरक्षा से संबंधित प्रौद्योगिकी को विकसीत करना और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का अत्याधुनिक तकनीक से संपन्न कराना होगा।

Editorial
Next Story
Related News
X
