Pratahkal - Udaipur - Maharana Pratap
उदयपुर : प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) जैसा वीर योद्धा इस धरती प पर ना हुआ ना होगा जिसने जयंती जंगल-जंगल खाक छानी साथ ही गई मुगलों से लोहा भी लिया और स्वाभिमान की रक्षा कर मेवाड़ी वीर सपूतों को संदेश दिया, जीत दिलाई। पूरा विश्व महाराणा प्रताप को शौर्य शिखर पर देख नतमस्तक है। हल्दीघाटी से लाइ मिट्टी से प्रताप को शौर्य धराया गया दुग्ध अभिषेक किया गया उसके पश्चात पुष्पांजलि की गई महाराणा प्रताप की जयंती पर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आलोक संस्थान निदेशक डॉ प्रदीप कुमावत (Dr. Pradeep Kumawat) ने कहा कि महाराणा प्रताप के जोश जुनून से हमें सीखना चाहिए कि विपरीत परिस्थिति में भी किस प्रकार से हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। प्राचार्य शशांक टांक एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर एकेडमिक काउंसिल प्रतीक कुमावत कार्यालयकर्मी हेमंत उपाध्याय कमल व्यास अनंत, मनमोहन भटनागर पुष्कर शर्मा आदि उपस्थित थे।

Editorial

Editorial

Next Story