Pratahkal - Jaipur - Vasundhara

जयपुर : करीब छह महीने बाद होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) की तैयारी में जुटी भाजपा (BJP) को शनिवार को उस समय झटका लगा, जब प्रदेश कार्यसमिति (State executive committee) की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नहीं पहुंचीं। विधानसभा चुनाव (Assembly elections) की रणनीति तय करने और भावी योजनाओं पर चर्चा करने को लेकर हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में वसुंधरा के नहीं पहुंचने पर पार्टी में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया और 4 सेवानिवृत्त अधिकारियों को पार्टी में शामिल करने के मौके पर खुद के आमंत्रित नहीं किए जाने से वह नाराज हैं। वसुंधरा
(Vasundhara)
खेमे का कहना है कि महरिया सहित अन्य लोगों को पार्टी में शामिल करने से पहले न तो उन्हें जानकारी दी गई और न ही समारोह में बुलाया गया, जबकि प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ व उपनेता सतीश पूनिया सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार वसुंधरा की नाराजगी दूर करने के लिए अरूण सिंह ने उन्हें फोन किया, लेकिन वसुंधरा से उनकी बात नहीं हो सकी। वसुंधरा की नाराजगी पर प्रदेश के नेता अधिकारिक तौर पर बोलने को तैयार नहीं हैं। बैठक में शामिल होने के लिए वसुंधरा तो नहीं पहुंचीं, लेकिन उनके पुत्र व सासंद दुष्यंत सिंह सहित अन्य समर्थक नेता पहुंचे थे।
बैठक में ये नेता मौजूद रहे
प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश माथुर, राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह, सांसद, विधायक, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मौजूद रहे।
Editorial

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