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जेपी नड्डा के मुंबई दौरे से गरमाई राजनीति
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भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे से महाराष्ट्र की राजनीति (Politics of Maharashtra) गरमा गई है। खासतौर से नड्डा का यह बयान विपक्षी दलों को उद्वेलित कर रहा है कि मुंबई (Mumbai) का अगला महापौर भाजपा का बनेगा। जेपी नड्डा ने कांदीवली (Kandivali) उपनगर में मुंबई के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) के अगले चुनाव की तैयारियों में जुट जाने को कहा।

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मुंबई । भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (J.P.Nadda) के दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे से महाराष्ट्र की राजनीति (Politics of Maharashtra) गरमा गई है। खासतौर से नड्डा का यह बयान विपक्षी दलों को उद्वेलित कर रहा है कि मुंबई (Mumbai) का अगला महापौर भाजपा का बनेगा। जेपी नड्डा ने कांदीवली (Kandivali) उपनगर में मुंबई के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) के अगले चुनाव की तैयारियों में जुट जाने को कहा।
कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई का अगला महापौर भाजपा का होगा। हम सबको इसके लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। नड्डा का यह बयान विपक्षी दलों को उद्वेलित कर रहा है।
एनसीपी (NCP) के एक नेता ने कहा कि नड्डा को पता होना चाहिए कि मुंबई में अपना महापौर बनवाने के लिए पहले बीएमसी (BMC) का चुनाव कराना पड़ेगा, जिसे कराने से उनकी पार्टी कतरा रही है क्योंकि एक आंतरिक सर्वे में उसे पता चल चुका है कि अभी चुनाव कराए गए तो उसकी बुरी तरह हार होगी। यहां तक कि एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) गुट को साथ लेने से भी उसे कोई फायदा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
शिवसेना उद्धव गुट के प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) ने भी कहा है कि जेपी नड्डा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पहले तो उन्हें यह बताना चाहिए कि कर्नाटक (Karnataka) में उनकी पार्टी क्यों हारी। बीएमसी में पिछले ढाई दशक से शिवसेना (अब उद्धव गुट) का ही शासन चला आ रहा है। शिवसेना उद्धव गुट मुंबई महानगरपालिका को किसी कीमत पर अपने हाथ से निकलने नहीं देना चाहता। जबकि, 2017 के बीएमसी चुनाव में भाजपा से उसे तगड़ी चुनौती मिल चुकी है। तब भाजपा बीएमसी की 227 सीटों में से 82 सीटें जीतकर 84 सीटें पाने वाली शिवसेना से सिर्फ दो सीट पीछे रही थी। भाजपा इस बार इस कमी को दूर कर मुंबई महानगरपालिका में अपना महापौर बैठाना चाहती है।

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