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अगले माह से शुरू होगा रामलला के विग्रह का निर्माण
By EditorialPublished on
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट (Shri Ram Mandir Trust) की अगली बैठक 31 मई को अयोध्या (Ayodhya) में होने जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि इस बैठक में तय हो जाएगा कि रामलला (Ramlala) का विग्रह किस शिला से बनेगा। उन्होंने बताया कि 12 शिलाओं के आंतरिक भाग से निकाले गए पत्थरों के सैंपल विशेषज्ञों की टीम के पास भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट 31 मई से पहले आ जाएगी।

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अयोध्या (एजेंसी) । श्रीराम मंदिर ट्रस्ट (Shri Ram Mandir Trust) की अगली बैठक 31 मई को अयोध्या (Ayodhya) में होने जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि इस बैठक में तय हो जाएगा कि रामलला (Ramlala) का विग्रह किस शिला से बनेगा। उन्होंने बताया कि 12 शिलाओं के आंतरिक भाग से निकाले गए पत्थरों के सैंपल विशेषज्ञों की टीम के पास भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट 31 मई से पहले आ जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर मंदिर ट्रस्ट की बैठक में मूर्ति निर्माण को लेकर निर्णय ले लिया जाएगा। पूरी संभावना है कि रामलला के विग्रह का निर्माण 31 मई के बाद शुरू होगा। रामलला के विग्रह के निर्माण को पूरा करने के लिए 4 महीने का समय लगेगा। चौपाल ने बताया रामलला के विग्रह का निर्माण जाने-माने तीन मूर्तिकारों का पैनल करेगा। रामलला के तीन विग्रह का निर्माण करवाया जाएगा, जिसमें एक को मंदिर ट्रस्ट अप्रूव करेगा। उसी की प्राण-प्रतिष्ठा मंदिर के गर्भ गृह में जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर की जाएगी।
चौपाल ने बताया कि मूर्तिकार अयोध्या पहुंच कर रामलला के विग्रह के निर्माण को लेकर आवश्यक तैयारी इस बीच कर लेंगे। उनके लिए रामसेवकपुरम में रहने का पूरा इंतजाम किया जाएगा। उन्होंने बताया गया कि मूर्तिकार जीएल भट्ट ने अपने सहयोगी के साथ अयोध्या पहुंच कर शिलाओं का निरीक्षण किया है। रामसेवक पुरम में कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और नेपाल से लाई गई 12 शिलाएं रखी गई हैं।
कामेश्वर चौपाल ने बताया कि सभी शिलाओं का उपयोग मूर्तियों के निर्माण में किया जाएगा । इनमें राम दरबार की मूर्तियां भी शामिल हैं। दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर के गर्भ गृह की एक और तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने बताया किमकराना (Kimkarana) के संगमरमर के पत्थरों से इसकी छत तैयार की जा रही है।
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