Pratahkal - Udaipur - Gulabchand  Kataria
उदयपुर : असम के राज्यपाल (Governor of Assam) बनने के बाद भी गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria) अभी भी भाजपा (BJP) की स्थानीय अंदरूनी राजीनीति में पूरा दखल दे रहे हैं। मंगलवार को कटारिया ने काया स्थित जैन मंदिर में चुनिंदा भाजपा नेताओं की बैठक ली, इसमें कटारिया ने जिस तरह से भाजपा नेताओं को दिशा-निर्देश दिए, उससे लगता है कि कटारिया फिर से मैदान में उतरने को आतुर हैं। बैठक में कटारिया ने भाजपा नेताओं को पार्टी लाईन पर चलने और शहर भाजपा में सिर- फुटव्वल पर जमकर खरी-खरी सुनाई और एक जुट होकर काम करने को कहा। इस दौरान कटारिया ने गुलाबबाग व नगर निगम को लेकर भी आक्रोश जताया और महापौर से कहा कि हर निर्णय खुद करो।
राज्यपाल कटारिया ने काया स्थित जैन मंदिर में इस गुप्त बैठक में चुनिंदा लोगों को ही बुलाया, जिसमें शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली, महापौर जीएस टांक, प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट, रजनी डांगी, चन्द्र सिंह कोठारी, तखतसिंह शक्तावत सहित करीब 15 नेता थे। बैठक में कटारिया ने उदयपुर (Udaipur) शहर से दावेदारी को लेकर बने गुटों और उनके आपसी विवाद और खुलकर हो रही बयानबाजी पर जमकर भड़ास निकाली। बैठक में कटारिया ने बुलाए गए भाजपाईयों से स्पष्ट कहा कि सभी को पार्टी गाईड लाईन पर चलना है और संगठित होकर काम करना है। कटारिया ने इस गुप्त बैठक में यहां तक कह दिया कि उदयपुर शहर में भाजपा में चल रही गुटबाजी और सिर फुटव्वल की पूरी जानकारी उनके पास प्रतिदिन आ रही है। भाजपा नेताओं को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि जिसे टिकट मिलना है उसे मिल जाएगा, उससे पहले तो आपस में मिलजुल कर रहो शहर में भाजपा
(BJP)
ने अपनी इमेज बनाई है कम से कम उसे तो खराब ना करो ।
  • मंगलवार को काया जैन मंदिर में ली चुनिंदा भाजपा नेताओं की बैठक
  • मुझे रोज मिल रही है गुटबाजी और बयानबाजी की जानकारी - कटारिया
  • जिसे टिकट मिलेगा, उसे मिल जाएगा तब तक काम करो
  • गुलाबबाग पर नाराजगी, महापौर से कहा खुद करों हर निर्णय
इस दौरान कटारिया ने यहां तक कह दिया कि रोज अखबारों में भाजपा में चल रही गुटबाजी के खिलाफ कुछ ना कुछ छप रहा है। कटारिया ने यह भी कहा कि पार्टी के लोग ही पार्टी को बदनाम कर रहे है। जिससे शहर में लोग भाजपा में चल रही सिर फुटव्वल की राजनीति के जमकर मजे रहे है। हाल में उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा द्वारा भरी सभा में यह कहना कि भाजपा में चल रही लड़ाई और गुटबाजी को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि इस बार भाजपा शहर में नहीं जीत पाएगी पर कटारिया ने स्पष्ट रूप से इस गुप्त बैठक में कहा कि अर्जुनलाल मीणा को यह बात सार्वजनिक मंच से नहीं उठानी चाहिए थी । मीणा द्वारा यह बात सार्वजनिक रूप से उठाने से शहर में एक बार फिर से पार्टी की कितनी फजीहत और बदनामी हुई है। कटारिया ने कहा कि अर्जुनलाल मीणा को यदि कोई पीड़ा थी तो वे अकेले में आकर भी चर्चा कर सकते थे, लेकिन सार्वजनिक मंच पर भाजपा की गुटबाजी जाहिर करने से भाजपा से जुड़े लोग एक बार फिर से विचार कर रहे है ।
करीब दो घंटे चली इस बैठक में कटारिया ने सभी से स्पष्ट रूप से कहा कि शहर भाजपा को फिर संगठित करने की आवश्यकता है।
कटारिया ने यहां तक कह दिया कि जो भी अनुशासनहीनता करता है उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करो। कटारिया ने इस बैठक में सभी भाजपा नेताओं से कहा कि अगली बार से इस तरह से आपस में विवाद नहीं होना चाहिए। साथ ही कहा कि दावेदारी करना सभी का अधिकार है, जिसे टिकट मिलेगा तो सभी उसके साथ लगेंगे। उदयपुर शहर से भाजपा को कमजोर नहीं होनी चाहिए। बैठक में कटारिया ने महापौर जीएस टांक से निगम की हालत के बारे में पूछा और गुलाबबाग की स्थिति के बारे में भी चर्चा की। कटारिया ने महापौर के समक्ष गुलाबबाग को लेकर नाराजगी जताई और उसे सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही महापौर से कहा कि निगम के कामों में अपना हस्तक्षेप रखे और सारा काम किसी अन्य के भरोसे ना छोड़कर सारे निर्णय खुद करें।
दो घंटे चली बैठक, फोन बंद
कटारिया की बैठक दो घंटे से भी अधिक समय तक चली। शाम को कटारिया 4 बजे अपने निवास से रवाना हुए 'और सीधा काया स्थित जैन मंदिर में गए, जहां पर पहले से ही सभी को बुला लिया था। बैठक शुरू होने से पहले कटारिया ने सभी के फोन बंद करवा दिए और बाहर रखवा दिए।
खुद कटारिया ने एक-एक को किया फोन
राज्यपाल कटारिया ने खुद अपने फोन से एक-एक भाजपा नेता को फोन किया और काया स्थित जैन मंदिर आने के लिए कहा। साथ ही स्पष्ट रूप से कहा कि इस बारे में किसी को पता नहीं चलना चाहिए ना ही वे लोग किसी को यह बताएंगे कि वे बैठक में जा रहे है।
अब फोन नहीं उठा रहे हैं नेता
इस बैठक में जो गए थे, वे कटारिया की फटकार से भाजपा नेता इतना डर गए कि अधिकांश ने फोन ही स्वीच ऑफ कर दिया और कुछ नेता तो बहुत खास परिचित का फोन उठा रहे है, बाकी किसी का फोन नहीं उठा रहे है, जिससे शहर भाजपा में चर्चाओं का दौर बना हुआ है।
क्या कहा था अर्जुनलाल मीणा
रविवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सांसद अर्जुनलाल मीणा (MP Arjunlal Meena) ने भरे मंच से कहा था कि कटारिया के के बाद हम अनाथ हो गए है। जिस तरह से राजा-महाराज समय में हर रियासत का एक राजा होता था वैसे अब भा नेता अपने-अपने लोगों के साथ अलग है।
शहर भाजपा संगठित नहीं है। पहले मुझे कोई नहीं पूछता था, पर अब दोनों जिलाध्यक्ष, शहर के पदाधिकारी परेशान है और मुझे व्यवस्था के लिए कह रहे है। मीणा ने कटारिया से कहा था कि वे उदयपुर से जाने से पहले एक बार सभी को बुलाकर डांटे और संगठित रहने का निर्देश देकर जाए।
महामहिम गायब, खुफिया तंत्र परेशान
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के घर के बाहर प्रोटोकोल के अनुसार जाब्ता लगा हुआ है और साथ में खुफिया विभाग के अधिकारी भी थे पर कटारिया शाम को चार बजे चुपचाप एक निजी कार में बैठकर काया स्थित जैन मंदिर पहुँच गए। इधर जब खुफिया विभाग को पता चला तो हड़कंप मच गया। खुफिया विभाग कटारिया की तलाश में जुट गया, पर कटारिया का फोन भी बंद आ रहा था तो पता ही नहीं चला। शाम को छः बजे कटारिया पुनः आए तक ऐजेन्सियों ने राहत की सांस ली।
इन - इन नेताओं को नहीं बुलाया
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने इस बैठक से सार्वजनिक सभा में गुटबाजी का मामला उठाने वाले उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, उप महापौर पारस सिंघवी, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अल्का मूंदड़ा के साथ-साथ तीनों महामंत्री, सभी उपाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी नहीं थे।
Editorial

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