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गहलोत समर्थक मंत्री-विधायकों का पायलट पर पलटवार
By EditorialPublished on
कांग्रेस (Congress) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) खेमों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सचिन पायलट के जयपुर (Jaipur) में सभा करके तीन मुद्दों पर आंदोलन का अल्टीमेटम देने से कांग्रेस में खींचतान तेज हो गई है।

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जयपुर : कांग्रेस (Congress) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) खेमों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सचिन पायलट के जयपुर (Jaipur) में सभा करके तीन मुद्दों पर आंदोलन का अल्टीमेटम देने से कांग्रेस में खींचतान तेज हो गई है।
गहलोत समर्थक मंत्री और विधायकों ने सचिन पायलट पर पलटवार किया है। मंत्री महेश जोशी, रामलाल जाट और सुभाष गर्ग ने पायलट का नाम लिए बिना उनके उठाए मुद्दों पर पलटवार किया है। डीडवाना से विधायक (Legislator) चेतन डूडी ने पायलट का नाम लेकर जवाबी हमला बोलते हुए पायलट पर युवाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया। मंत्री सुभाष गर्ग ने पायलट पर सरकार रिपीट नहीं होने की सुपारी लेने का आरोप लगाया है। मंत्री सुभाष गर्ग ने नाम लिए बिना पायलट खेमे पर निशाना साधा। गर्ग ने ट्वीट किया- ये बात आलाकमान जानता है या नहीं कि सरकार रिपीट न हो इस बात की सुपारी किस-किस ने ली है? प्रदेश में बजट व महंगाई राहत कैम्प अभियान (Inflation Relief Camp Campaign) के बाद जो माहौल बना है वो सुपारी लेने वालों के गले नहीं उतर रहा है।
डूडी ने कहा- पायलट के तीनों मुद्दे समझ से परे, युवाओं को भ्रमित कर रहे
विधायक डूडी ने पायलट के उठाए तीनों मुद्दों पर तल्ख पलटवार किया। डूडी ने कई ट्वीट पर पायलट पर सीधा हमला बोला। चेतन डूडी ने पायलट पर इशारों में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलीभगत का आरोप लगाया।
डूडी ने ट्वीट किया- राजस्थान में सबसे बड़ा संजीवनी घोटाला है, इसमें लाखों लोगों के घर लुट गए। रैली में संजीवनी घोटाले के प्रमुख आरोपी का नाम भी नहीं लिया और रैली के बाद प्रमुख आरोपी ने पायलट साहब की तारीफ में ट्वीट किया। यही आज की रैली की सच्चाई है, क्योंकि दोस्ती तो मानेसर के समय से ही है।
पायलट के तीनों मुद्दे अव्यवाहारिक और समझ से परे
डूडी ने लिखा- सचिन पायलट ने जिन तीन मुद्दों को उठाया वो अव्यवाहारिक और समझ से परे हैं। क्या आपको पता नहीं कि आरपीएससी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। जो कभी भी भंग नहीं की जा सकती ? आरपीएससी सदस्य का तो इस्तीफा भी राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किया जाता है। आप क्यों युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं?
डूडी ने आगे लिखा - पायलट साहब बताएं कि वसुंधरा सरकार के कौन से मामले अब भी पेंडिंग हैं। इनकी वो जांच करवाना चाह रहे हैं। क्योंकि सरकार आते ही सबसे पहले हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से इन मामलों का निस्तारण हो चुका है। सभी खानें भी निरस्त हो चुकी हैं। राजस्थान में पेपर लीक पर 150 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला गया है। में पेपर लीक पर विशेष कानून और एसटीएफ बनाई गई है। यहां प्रतियोगी परीक्षा ना हो पाने पर एग्जाम फीस वापस हुई है। अब सरकारी भर्तियों में वन टाइम रजिस्ट्रेशन लागू किया है। इसके बाद परीक्षाओं की कोई फीस नहीं ली जाएगी।
डूडी ने लिखा - पेपर लीक पर मुआवजा देने की मांग सिर्फ अपनी झूठी वाहवाही के लिए है क्योंकि ऐसा किसी राज्य में नहीं होता।
आज तक इतिहास में किसी नेता ने ऐसी मांग नहीं की। जितनी कड़ी कार्रवाइयां पेपर लीक पर राजस्थान में हुई है। वो दूसरे किसी राज्य में नहीं हुई है। ये युवा अच्छे से जानते हैं ।
'सरकार पर आरोप लगाने वाले खुद पर भी आरोप लगा रहे'
जलदाय मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) ने ट्वीट (Tweet) करके पायलट पर पलटवार किया। जोशी ने लिखा- अत्यंत आश्चर्यजनक और खेदजनक है कि कुछ जिम्मेदार लोग अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। अपनी ही सरकार पर आरोप लगाने से पहले उन्हें ये सोचना था कि वे ये आरोप खुद पर भी लगा रहे हैं।
आरोप लगाने वालों को ये अच्छे से पता है कि जब कभी भी भ्रष्टाचार (Corruption) की बात सामने आई है तो मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सशक्त चोट की है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई इस बात पर प्रकाश डाल रही है कि भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी बड़ा हो। एसीबी द्वारा बेहिचक और बड़ी सख्ती से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
मंत्री जाट बोले - वसुंधरा सरकार (Vasundhara Government) के गलत फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी है सरकार सचिन पायलट के भाजपा राज के करप्शन पर कार्रवाई नहीं करने के आरोपों पर राजस्व मंत्री रामलाज जाट ने नाम लिए बिना जवाब दिया है।
जाट ने ट्वीट किया - कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ ऐतिहासिक एक्शन हुए हैं। पिछली सरकार के गलत फैसलों के खिलाफ राज्य सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी और सभी मामलों का निस्तारण हुआ और कार्रवाई की गई।
जाट ने आगे लिखा - वसुंधरा सरकार के समय के खनन आवंटन, बजरी खनन और ईरानी कालीन प्रकरण पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। ललित मोदी का मामला ईडी के पास लंबित है। पेपर लीक में आरपीएससी सदस्य तक को जेल में डाला गया है। युवाओं के भविष्य के लिए विशेष कानून बनाया और एसटीएफ का गठन किया गया है।

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