Pratahkal - Karnataka - Siddaramaiah , DK Shivakumar
बेंगलुरू : कर्नाटक (Karnataka) में मुख्यमंत्री (Chief Minister) को लेकर सस्पेंस तीन दिन बाद भी खत्म नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, अब बुधवार को बेंगलुरू में ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है। इससे पहले मंगलवार शाम को ही सीएम के राज से पर्दा उठने की संभावना थी । दिनभर बैठकों का दौर जारी रहा, सीएम चुनने की कवायद में कांग्रेस (Congress) अपने दोनों दावेदारों सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) को दिल्ली (Delhi) तक ले आई लेकिन फैसला अब तक नहीं हो सका है।
सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के मुख्यमंत्री का ऐलान एक दिन के लिए टल गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दोनों दावेदारों से मंगलवार को मुलाकात की है। अब अंतिम फैसला राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ परामर्श कर लिया जाएगा।
सीएम के लिए एक और दावेदारी
डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने भी सीएम पद के लिए दावेदारी ठोंक दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अगर पार्टी आलाकमान ने उनसे सरकार चलाने को कहा तो वह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। बाद में उनके समर्थकों ने भी परमेश्वर को सीएम बनाने की मांग की।
राहुल की पसंद सिद्धा सोनिया का समर्थन डीके को !
दूसरी ओर 61 साल के डीके शिवकुमार के साथ सोनिया गांधी के अच्छे संबंध हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने अब तक किसी का पक्ष नहीं लिया है और पार्टी के राज्य प्रभारी रणदीप सुरजेवाला
(Randeep Surjewala)
भी दोनों नेताओं को लेकर न्यूट्रल हैं। कांग्रेस के लिए कर्नाटक का सीएम तय करना इसलिए भी मुश्किल हो गया है क्योंकि मां-बेटे (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) के बीच एक राय नहीं बन सकी है। मंगलवार सुबह की राहुल गांधी कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पहुंचे थे। माना जा रहा है कि दोनों के बीच कर्नाटक के सीएम पद को लेकर चर्चा हुई।
बेंगलुरू में दोबारा होगी विधायक दल की बैठक
यह भी कहा जा रहा है कि अब बुधवार को दोपहर बाद विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। सीएलपी मीटिंग में ही विधायक जिसे अपना नेता चुनेंगे वह राजभवन जाकर सरकार बनाने के लिए दावा पेश करेगा।
इससे पहले दोनों नेताओं को चुनने को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के अलग-अलग मत भी सामने आए। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने 75 साल के सिद्धारमैया का समर्थन किया है। इसके अलावा अधिकतर विधायक भी सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं।
Editorial

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