Pratahkal-Maharashtra-uddhav thackeray-Nitesh Rane
मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) में हिंसा (Violence) के ताजी मिसालों के लिए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) जिम्मेदार हैं। वे दंगे (Riots) भड़काकर सत्ता में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। यह गंभीर आरोप बीजेपी विधायक नितेश राणे ने लगाया है। उन्होंने अकोला, अहमदनगर जिले के शेवगांव, नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Temple) में हुए ताजा हिंदू-मुस्लिम विवादों (Hindu-Muslim Disputes) के लिए उद्धव ठाकरे को मास्टरमाइंड तक बता दिया है। उन्होंने 1993 के मुंबई दंगों (Mumbai Riots) की मिसाल देकर अपने इस गंभीर आरोप की पुष्टि की है। नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे पर यह आरोप अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए।
बीजेपी (BJP) विधायक ने कहा, ‘ये जो दंगे हो रहे हैं, इसके मास्टरमाइंड सिल्वर ओक (Silver Oak) में आए थे। शरद पवार (Sharad Pawar) के बगल में बैठे थे। मुंबई के बांद्रा का कलानगर उनका पता है। दंगे भड़काकर मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब पल रहा है। 1993 में दंगे हुए और 1995 में सत्ता मिली। उद्धव ठाकरे वही दोहराना चाहते हैं। जो मीटिंग हुई उसमें पूर्व सेक्रेट्री अरुण बेतकेकर (Arun Betkekar) मौजूद थे. उनसे पूछिए वे इस बारे में विस्तार से बता सकते हैं। इन दंगों के मास्टरमाइंड उद्धव ठाकरे हैं क्या? इसकी जांच हो।
‘दंगे भड़काकर मुसलमानों के वोट बटोरने का प्लान, वरना क्यों हो रहे कांड?’
नितेश राणे (Nitesh Rane) अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सवाल करते हैं कि ठाकरे गुट के दो नेता अंबादास दानवे और चंद्रकांत खैरे (Ambadas Danve & Chandrakant Khaire) पहले एक दूसरे का मुंह तक देखना नहीं चाहते थे। अब वे ‘मिले सुर मेरा-तुम्हारा’ गा रहे हैं। यह दंगा करवाने का प्लान है क्या? फिर एक बार दंगे भड़काकर मुसलमानों के वोट लेने की तैयारी शुरू है क्या?
‘आज वे धार्मिक स्थलों में घुस रहे, कल हमारे घरों में घुसेंगे’
बीजेपी विधायक ने कहा कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर में जबर्दस्ती चादर डालने की कोशिश की गई। इसके अलावा छत्रपति संभाजी महाराज (Chhatrapati Sambhaji Maharaj)
की जयंती के लिए निकले जुलूस (14 मई) पर पत्थर फेंके गए। आज धार्मिक स्थलों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही, कल वे हमारे घरों में घुस आएंगे।
‘उनके धार्मिक स्थलों पर ऐसा हुआ होता, तो महाराष्ट्र जल उठता’
नितेश राणे ने कहा कि कर्नाटक में पाकिस्तान जिंदाबाद (Pakistan Zindabad) के नारे लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के असली मनसूबे सामने आ रहे हैं। उन्हें चुनाव के बाद महत्वपूर्ण विभाग देने का कांग्रेस का कमिटमेंट है। अगर ऐसी कोशिशें उनके धार्मिक स्थलों में हुई होतीं तो अब तक सारा महाराष्ट्र जल उठा होता। हिंदू एक नहीं हैं, यह उनको पता है। हिंदू (Hindu) समाज सो रहा है। यह अफसोस की बात है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि हमें हिंदू समाज का साथ मिलना चाहिए। कर्नाटक
(Karnataka)
में जेहादियों की सत्ता आई है। महाराष्ट्र में वैसा ही हो, इसके लिए रजा अकादमी, ठाकरे गुट और कांग्रेस (Congress) नेताओं की मुंबई में बैठक हुई। महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार के काल में उद्धव और आदित्य 10 जनपथ क्या करने गए थे? झाड़ू मारने के लिए गए थे क्या? यह कह कर नितेश राणे उद्धव ठाकरे

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