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पायलट की आंदोलन की चेतावनी
By EditorialPublished on
राजस्थान (Rajasthan) कांग्रेस (Congress) में गहलोत-पायलट (Gehlot-Pilot) के बीच चल रहे सियासी बवाल में सोमवार को नया रोमांचक मोड़ आ गया है। जन संघर्ष यात्रा निकाल रहे सचिन पायलट ने अब खुलकर कांग्रेस की गहलोत सरकार (Government) को चुनौती दे डाली है। पायलट ने जयपुर र में शक्ति प्रदर्शन करते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए 3 मांगें पूरी करने की बात कही है। उन्होंने सभा के मंच से ये भी ऐलान कर दिया है कि 15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तो वो प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे। पायलट ने यह भी कहा कि अब तक वो गांधीवादी (
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जयपुर : राजस्थान (Rajasthan) कांग्रेस (Congress) में गहलोत-पायलट (Gehlot-Pilot) के बीच चल रहे सियासी बवाल में सोमवार को नया रोमांचक मोड़ आ गया है। जन संघर्ष यात्रा निकाल रहे सचिन पायलट ने अब खुलकर कांग्रेस की गहलोत सरकार (Government) को चुनौती दे डाली है। पायलट ने जयपुर र में शक्ति प्रदर्शन करते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए 3 मांगें पूरी करने की बात कही है। उन्होंने सभा के मंच से ये भी ऐलान कर दिया है कि 15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तो वो प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे। पायलट ने यह भी कहा कि अब तक वो गांधीवादी (Gandhian) तरीके के अपनी बात रख रहे थे लेकिन अब सरकार ने नहीं सुनी तो आंदोलन का रूख करेंगे।
पायलट ने सरकार के सामने 3 मांगें रखी
1 मांगों को नहीं माना गया तो उन्होंने प्रदेशभर में आंदोलन की
2 पायलट का अपनी जन संघर्ष यात्रा के अंतिम दिन जयपुर में बड़ा शक्तिप्रदर्श
3. सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया, गहलोत पर भी जमकर भड़ास निकाली
पायलट ने सभा के मंच से पहली मांग (RPSC) (राजस्थान लोक सेवा आयोग ) को भंग करने की रखी। पेपर लीक मामले को लेकर पायलट ने आपीएससी के चेयरमैन और सदस्यों के नियुक्ति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा पूरे तंत्र का पुनर्गठन करें, नए कानून मापदंड बनें और पारदर्शिता से लोगों का चयन हो। दूसरी मांग अब तक की प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से प्रभावित युवाओं को आर्थिक मुआवजा देने की रखी। उन्होंने कहा पेपर लीक से प्रभावित प्रत्येक नौजवान को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाना चाहिए। तीसरी मांग में उन्होंने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच की की बात कही। उन्होंने वसुंधरा राजे के खिलाफ लगे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी।
पायलट के साथ मंत्री- विधायक भी मंच पर
सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने अपनी 5 दिवसीय जन संघर्ष यात्रा के दौरान अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों को दूर रखा। लेकिन अंतिम दिन सोमवार को जयपुर (Jaipur) में आयोजित सभा में पायलट के साथ मंच पर विधायक भी थे और मंत्री भी । गहलोत के नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले पायलट समर्थक लगभग सभी बड़े नेता मंच पर मौजूद नजर आए। इसमें राज्य सरकार के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा व हेमाराम चौधरी के साथ-साथ विधायक जीआर खटाना, वेद सोलंकी, सुरेश मोदी, राकेश पारीक, हरीश मीणा, खिलाड़ीलाल बैरवा, गिर्राज मलिंगा, दीपेंद्र सिंह शेखावत, मुकेश भाकर, इंद्राज गुर्जर और रामनिवास गावडिया भी शामिल हुए।
फिर सुनाई 25 सितंबर की बात, गहलोत पर जमकर किया हमला
इन समर्थकों की मौजूदगी में पायलट ने 'मानेसर प्रकरण की तुलना 25 सितंबर को हुए घटनाक्रम से की। उन्होंने कहा कि कौन पार्टी को मजबूत करने का और बदनाम करने का काम कर रहा है। उन्होंने यहां गालियां खाने, बदनाम करने की बात कही। साथ उन्हें मलाई खाने का भी जिक्र किया। उल्लेखनीय है कि पायलट ने पांच दिन की अपनी अजमेर से जयपुर की इस पदयात्रा में पायलट ने लगातार जनसभाएं की हैं।
पायलट बोले- मैं दबने वाला नहीं हूं
पायलट ने कहा, मैं किसी पद पर रहूं या न रहूं। राजस्थान (Rajasthan) की जनता की सेवा करता रहूंगा। डरने वाला नहीं हूं, दबने वाला नहीं हूं। आपके लिए लड़ा हूं और लड़कर रहूंगा। कहा कि कुछ लोग इस सभा को बिगाडने का प्रयास कर सकते हैं। सभा में आए लोगों, समर्थकों ने भी पूछा, क्या आपको यहां आने के लिए रोका नहीं गया ?
उन्होंने कहा, 2013 में हमारे सिर्फ 21 विधायक रह गए थे। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने बुलाकर कहा कि राजस्थान में पार्टी का बहुत बुरा हाल हो गया है, आप जाकर अध्यक्ष बनिए। हमने इन पांच सालों में वसुंधरा सरकार का नीतियों के आधार पर कड़ा विरोध किया । वसुंधरा शासन में खुली लूट मची थी। गहलोत सरकार ने भी वसुंधरा (Vasundhara) पर बढ़-चढ़कर आरोप लगाए थे। उन्होंने इशारों में कहा कि हाईकमान सीएम किसको बनाए, यह हमारे हाथ में नहीं है। सचिन ने कहा कि मुख्यमंत्री गृह मंत्री, वित्त मंत्री भी हैं, मैंने कई बार कहा कि हमने जो कहा है, उसकी जांच करवाइए। वसुंधरा सरकार की जांच के लिए अनशन रखा। मुझे लगा कि हमें जनता के बीच जाना चाहिए। भ्रष्टाचार समाज को दीमक की तरह खा रहा है। हम लोगों को करारा प्रहार करना पड़ेगा। हमें दुनिया को दिखाना पड़ेगा कि हम जो कहते हैं, वो करते
'नौजवान मायूस हुआ तो अच्छा नहीं होगा
पायलट ने कहा कि यह कहां की नीति है कि अपनी पार्टी के नेता को बदनाम करो, भाजपा के नेताओं का गुणगान करो। यह चलने वाला नहीं है। जो कुर्सी पर बैठता है, उसे न्याय करना पड़ेगा।
पक्षपात करने का अधिकार नहीं है। दूध का दूध, पानी का पानी नहीं होगा तो विरोधी पूछेंगे कि कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं है। दूध और नींबू बहुत चल रहा है आजकल । किसी को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। नौजवान के मन में यदि मायूसी आ गई तो देश का भविष्य बेहतर नहीं होगा । यह यात्रा युवाओं के दिल में आग जलाने के लिए निकाली है। मैं भी 20 साल से राजनीति कर रहा हूं। बड़े-बड़े पद मिले। जनता और पार्टी मेरे काम करने के तरीके के बारे में जानती है। कोई विरोधी भी अंगुली नहीं उठा सकता।प्यार से मांगोगे तो हाथ काट कर देंगे, धमकाकर लोगे तो छोड़ेंगे नहीं। युवाओं के पैरों के छालों की कसम, मैं अब पीछे हटने वाला नहीं हूं। जो भी कुर्बानी देनी होगी, मैं देने को तैयार हूं। कोई दूध और नींबू की सफाई दे रहा है। कोई कह रहा है कि दस बार बात हुई, नहीं हुई। मैंने तो कहा ही नहीं कि मिलीभगत है। सिर्फ यह कह रहा हूं कि जो कहा है, वो कर दो।

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