PratahkalLive-Udaipur-Attempt to stop Rss Shakha by senior author

नगर संवाददाता . उदयपुर। शहर के सेक्टर 11 स्थित एक पार्क में लगने वाली शाखा (Shakha) को रोकने और शाखा में आने वाले स्वयंसेवकों को वरिष्ठ साहित्यकार और लेखक द्वारा डांटने पर शनिवार को हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध किया। हिंदू संगठन (Hindu organization) के पदाधिकारी व भाजपा (BJP) नेता इस वरिष्ठ साहित्यकार और लेखक से माफी मंगवाने पर अड़ गए। बाद में मामला थाने तक पहुंचा, जहां पर साहित्यकार द्वारा माफी मांगी गई तब जाकर इस मामले का निस्तारण हुआ ।
मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर 11 स्थित सार्वजनिक पशुपति नाथ महादेव पार्क में पिछले कई समय से संघ की शाखा का आयोजन किया जा रहा है। संघ के नन्हे स्वयंसेवक भारत
(India)
में प्रतिदिन शाम को शाखा का आयोजन करते है । इस पार्क के अध्यक्ष और वरिष्ठ साहित्यकार लेखक शिवदान सिंह जोलावास द्वारा पिछले कुछ समय से इन स्वयंसेवकों को डांटा जा रहा था और पार्क में शाखा न लगाने के लिए कहा जा रहा था। आरोप यह भी है कि जोलावास द्वारा स्वयंसेवकों के साथ हाथापाई भी की गई। पिछले लंबे समय से चल रहे इस घटनाक्रम के बाद स्वयंसेवकों ने इस बारे में संघ के पदाधिकारियों को बताया, जिस पर शनिवार को हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक रवि कांत त्रिपाठी के नेतृत्व में भाजपा नेता जिनेंद्र शास्त्री, सनी पोखरना, युवा मोर्चा देहात जिला अध्यक्ष ललित सिंह सिसोदिया, ख्याली लाल जैन, लव देव बागड़ी और संघ के विष्णु नागदा सहित 100 से अधिक स्वयंसेवक और भाजपा पदाधिकारी इस पार्क में एकत्रित हुए और जोलावास द्वारा स्वयंसेवकों को डांटने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया गया। सभी पदाधिकारी जो जोलवास से माफी मंगवाने पर अड़ गए और पार्क में ही खड़े रहे पर जोलावास घर से बाहर नहीं आए। करीब आधे घंटे के घटनाक्रम के बाद पुलिस को किसी ने सूचना दी तो मौके पर सवीना थाने से जाब्ता आया। भाजपा पदाधिकारियों व हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने पुलिस के सामने भी जमकर आक्रोश जताया और जोलावास से माफी मंगवाने की जिद पर अड़ गए। पुलिस ने भी काफी देर तक समझाइश की, लेकिन जोलावास द्वारा घर से बाहर नहीं आने पर सभी हिंदू संगठन के पदाधिकारी और भाजपा नेता थाने पहुंचे, जहां पर एक स्वयंसेवक की तरफ से रिपोर्ट दी। इसी दौरान शिवदान सिंह जोलावास भी सविना थाने पहुंचे, जहां पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण खंडेलवाल भी पहुंच गए। थाने में ही दोनों पक्षों के बीच में समझौता हुआ जिसमें, शिवदान सिंह जोलावास ने माफी मांगी और आगे से इस तरह शाखा में जाकर स्वयंसेवकों को नहीं डांटने की बात स्वीकार की। तब जाकर सभी माने और मामले को यहीं समाप्त किया गया। इस संदर्भ में जोलवास से भी संपर्क करने का प्रयास किया पर उन्होंने अपना फोन नहीं उठाया ।

Editorial

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