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कस्टम ऑफिसर बन पुलिस अधिकारी की पत्नी को ठगा
By EditorialPublished on
मुंबई (Mumbai) में कस्टम अधिकारी के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। एमआरए मार्ग पुलिस कॉलोनी में रहने वाली मनीषा अनिल कारे (25) ने पुलिस को जानकारी दी कि 32 वर्षीय वैभव नारदे ने सोशल मीडिया पर उससे दोस्ती की और अपना परिचय कस्टम अधिकारी (Custom officer) के रूप में दिया। नारदे ने पीड़िता कारे से कहा कि जब भी वह किसी केस को सुलझाता है तो उसे इनाम के रूप में सोना मिलता है।

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मुंबई । मुंबई (Mumbai) में कस्टम अधिकारी के नाम पर ठगी (cheating) करने का मामला सामने आया है। एमआरए मार्ग पुलिस कॉलोनी में रहने वाली मनीषा अनिल कारे (25) ने पुलिस को जानकारी दी कि 32 वर्षीय वैभव नारदे ने सोशल मीडिया पर उससे दोस्ती की और अपना परिचय कस्टम अधिकारी (Custom officer) के रूप में दिया। नारदे ने पीड़िता कारे से कहा कि जब भी वह किसी केस को सुलझाता है तो उसे इनाम के रूप में सोना (Gold) मिलता है।
सस्ते में सोना खरीदने के नाम पर ठगी
कुछ दिनों बाद इस जालसाज ने पीड़िता से कहा कि वह सोना बेचना चाहता है जो विभाग ने उसे इनाम के तौर पर दिया है। कारे ने इसे खरीदना चाहा क्योंकि जालसाज इसे सस्ती दर पर बेचना चाहता था। पीड़िता को 9 तोला सोने के लिए 3.5 लाख रुपए की बात कही गई और वह डील के लिए राजी हो गई। कारे ने 1 नारदे के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद यह जालसाज पीड़िता के साथ टालमटोली करने लगा।
पुलिस अधिकारी की पत्नी है पीड़िता
कारे उसे फोन करती रहीं लेकिन नारदे ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। पीड़िता ने एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता का पति मुंबई पुलिस में पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है।
कुछ महीने हुए गिरोह का भांडाफोड़
आपको बता दें कि कुछ महीने पहले ही महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने ऐसे ठग को गिरफ्तार किया था, जो सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठता था। ये लोग उन लोगों को निशाना बनाते थे जिन्होंने ऑनलाइन कुछ सामान मंगवाया होता था और उनका पार्सल आना होता था। ये ठग सीबीआई अधिकारी बनकर ग्राहकों को फोन करते। फिर कहते कि आपके पार्सल में नारकोटिक्स जैसे चरस, गांजा, हेरोइन मिला है। इसलिए हम आपके खिलाफ केस दर्ज करने जा रहे हैं। फिर उन्हें कहते कि पैसे देकर मामला रफा-दफा किया जा सकता है। लोग भी इन्हें असली सीबीआई अधिकारी समझकर पैसे दे देते। ताकि उन पर कोई केस न हो।

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