PratahkalLive -Param Bir Singh

प्रातःकाल संवाददाता मुंबई । महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra) ने मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह (Param Bir Singh) के खिलाफ सभी आरोप वापस ले लिए हैं। राज्य सरकार ने दिसंबर 2021 में जारी निलंबन आदेशों को भी रद्द कर दिया और कहा कि निलंबन की अवधि में वह ड्यूटी पर थे। सरकार के संयुक्त सचिव वेंकटेश भट द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया, “अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 8 के तहत परम बीर सिंह, आईपीएस (सेवानिवृत्त) के खिलाफ जारी दिनांक 02/12/2021 के आरोपों का ज्ञापन वापस लिया जा रहा है। और उक्त मामले को बंद किया जा रहा है।" निलंबन से संबंधित एक अन्य आदेश में कहा गया है, “अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ ) नियम, 1958 के प्रावधानों के अनुसार, इस आदेश से परम बीर सिंह, आईपीएस (सेवानिवृत्त) का निलंबन रद्द किया जाता है और निलंबन की अवधि 02/12/2021 से 30/06/2022 तक सभी उद्देश्यों के लिए ड्यूटी पर बिताई गई अवधि मानी जाएगी। "
परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर लगाए गंभीर आरोप
बता दें, महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के कार्यकाल के दौरान परमवीर सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे। उस समय अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) महाराष्ट्र (Maharashtra) के गृह मंत्री थे। परमबीर सिंह ने कहा था कि अनिल देशमुख ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को 100 करोड़ का हफ्ता वसूलने का टारगेट दिया था। इन आरोपों के बाद देशमुख को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

Editorial

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