PratahkalLive -e-challan
मुंबई । आगामी एक अगस्त से 5 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना कारोबारियों को बिजनेस – टू – बिजनेस लेनदेन के लिये ई-चालान (e-challan) सिस्टम अपनाना जरूरी हो जायेगा। सरकार की ओर से बाकायदा अधिसूचना के जरिये इसे निर्देशित किया गया है। छोटी कारोबारी कंपनियों को औपचारिक अर्थव्यवस्था के दायरे में लाने और राजस्व संग्रह में अंतर को पाटने के साथ ही नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।
मौजूदा वक्त में ई-चालान की अनिवार्यता केवल 10 करोड़ रुपये सालाना कारोबार वाली कंपनियों पर ही लागू है। सरकार इस सीमा को कम कर दायरा बढ़ाना चाह रही है। एक अगस्त के बाद नियमों के तहत शब्दावली में 10 करोड़ की जगह पर पांच करोड़ कर दिया जायेगा। दरअसल जीएसटी (GST) काउंसिल ने इलेक्ट्रॉनिक चालान की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा है और इसी दिशा में कदम बढ़ाये जा रहे हैं। इसके लिये जीएसटी नेटवर्क ने अपने प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाताओं को जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिये हैं ताकि जुलाई अंत के बाद किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत से बचा जा सके।

Editorial

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