Pratahkal - Suresh Goyal
चलते चलते हम मॉन्ट्रियल (Montreal) के घने बसे डाउन टाउन इलाके में गाड़ी एक जगह पार्क करके हम आस पास का इलाका देखना चाहते थ पार्किंग की कोई जगह ही नहीं मिल रही थी। सभी साईन बोर्ड भी फ्रेन्च में ये कुछ पता भी नहीं चल रहा था, किसी को पूछो तो कुछ समझ ही नहीं पाता कि हम क्या कह रहे हैं। थोड़ा बहुत का कुछ समझ भी पाता तो वह हमारे इशारों से समझता। मैने कहा जब इशारों की भाषा ही काम लेनी है तो क्या अंग्रेजी क्या हिन्दी (Hindi) इस बार किसी से हिन्दी में पूछते हैं, देखते हैं क्या जवाब आता है।
यही किया तो अगला अंग्रेजी बोलने वाला निकल आया। उसने एक गली की तरफ इशारा कर बताया कि वहां हमें पार्किंग मिल जायगी। हम उधर पहुँचे तो वाकई फुटपाथ पर पार्किंग मीटर लगे हुए थे। हमने एक जगह गाड़ी पार्क कर मीटर में कार्ड स्केन करने की कोशिश की, सफल नहीं हुए, सिक्के डालने का भी कोई खड्डा नहीं था, मीटर पर फ्रेन्च
(French)
में निर्देश लिखे हुए थे जो समझ में नहीं आ रहे थे, गाड़ी यूं छोड़ नहीं सकते थे, परदेस का मामला था, जुर्माने भी यहां भारी लगते हैं वरना फटाक से जेल में डालते हैं। हम उधेड़बुन में थे क्या करें।
गाड़ी वहीं खड़ी कर राजा ने मुझे गाड़ी की ड्राइवर सीट पर बिठाया और खुद तलाश करने निकल गया। गाड़ी में ड्राइवर बैठा देख कोई पुलिस वाला नहीं आयगा, एसा उसका विचार था। ज्यूं ही वह आंखों से ओझल हुआ मेरी फटने लगी, अभी कोई पुलिस वाला आ गया तो मैं क्या करूंगा, मुझे तो गाड़ी भी चलानी नहीं आती। यह व्यग्रता ज्यादा देर नहीं रही, राजा शीघ्र ही वापस लौट आया।
इस गली में दोनों तरफ बहुत बड़ी बड़ी होटलें थी। मोन्ट्रियल में इस वक्त एक सांस्कृतिक समारोह चल रहा था जो हफ्ते भर तक चलने वाला था। सभी होटलें अटी पड़ी थी। होटलों के अलग से पार्किंग स्थल थे, राजा को किस्मत से एक अंग्रेज टेक्सी ड्राइवर मिल गया, उसने एक जगह बताई वहां हम गाड़ी लगा सकते थे, कोई पूछने वाला नहीं था, न ही कोई पैसे भी देने थे।
मोन्ट्रियल सेन्ट लारेन्स नदी के किनारे स्थित है जो तीन चोटि के पहाड़ रोयल के कारण प्रसिद्ध हुआ। 16 वीं शताब्दी में फ्रांसीसी घूमक्कड़ यहां आये तो यहां हजार के करीब आदिवासी रहते थे। 17 वीं शताब्दी तक भारी संख्या में फ्रांसीसी अप्रवासियों ने हमले कर आदिवासियों को अन्यत्र शरण लेने को मजबूर कर दिया। 19 वीं शताब्दी में यह कनाडा की राजधानी बनी मगर अपने फ्रांसीसी बाहुल्य के कारण ज्यादा देर नहीं रही। मोन्ट्रीयल व क्यूबेक में लगातार कनाडा से अलग होने के आन्दोलन चलते रहते हैं मगर अभी तक इसमें सफलता नहीं मिली है। पिछले 20-25 सालों से यहां शांति है फिर भी लोग अंग्रेजी नहीं अपना कर एक तरह से अपनी पहचान कायम करते हुए अपने विरोध की अभिव्यक्ति करते हैं।
मोन्ट्रीयल में यहां का मोडेम बेसिलिका चर्च बहुत प्रसिद्ध है। चर्च अपनी स्थापत्य कला के लिये दुनिया भर में जाना जाता है। इसका आन्तरिक परिवेश शानदार रंगों से सजाया गया है तथा इसकी नीली छत में सुनहरे सितारे भरे पड़े है। पूरा चर्च रंगों का एक सागर है। चर्च में सैंकड़ों की संख्या में लकड़ी में तराशी हुई धार्मिक कलाकृतियां हैं।
माउन्ट रोयल एक सुशुप्त ज्वालामुखी पहाड़ है जो शहर के पश्चिम में है। इसी पर शहर का नाम पड़ा। इस पहाड़ की तीन चोटियां है। मोन्ट्रीयल की खासियत यहां का भूमिगत शहर है जिसे अण्डर ग्राउण्ड सिटी कहा जाता है। शहर के घने बसे डाउन टाउन इलाके के सभी टावर्स, होटलें, शोपिंग सेन्टर, आवासीय व व्यवसायिक परिसर, सभागार, विश्वविद्यालय आदि सब भूमिगत मार्गों से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इन भूमिगत मार्गों पर ही बड़े बड़े व्यावसायिक केन्द्र विकसित कर दिये गये हैं जो अण्डर ग्राउण्ड सिटी के नाम से विख्यात हो गए हैं।
मोन्ट्रीयल में सर्दी बहुत पड़ती है, इन दिनों में 5 लाख से भी अधिक शहरवासी भीषण ठंड से बचने इस अण्डर ग्राउण्ड सिटी का इस्तेमाल करते हैं। सोचें तो उदयपुर के बराबर का शहर तो इस अण्डर ग्राउण्ड सिटी में ही रहता है। पूरा भूमिगत नगर समुचित प्रकाश व्यवस्था से परिपूर्ण है। 12 वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में 32 कि.मी. लम्बी सुरंगों के बीच बसे इस शहर के 120 निकास मार्ग हैं। शहर की मेट्रो रेल भी इन भूमिगत मार्गों पर ही चलती है जिसके 60 निकास मार्ग व स्टेशन अलग से हैं।
घूमते घामते रात घिर आई तो हमने शहर में ही किसी होटल में रात बिताने की सोची, 250-300 डालरों से कम कहीं कमरा नहीं मिल रहा था। एक होटल में एक भारतीय युवती को काउन्टर पर देखा तो हमें लगा यह हमारी मदद कर पा मगर वह तो हमारी तरफ देखने तक को तैयार नहीं थी। वहीं एक चीनी : बताया कि हम शहर से बाहर निकल जायें तो सस्ते होटल मिल सकते हैं।"
अब फिर यही आशंका थी कि एक दिन पहले जिस तरह रास्ता भटके वही नहीं हो जाए। धीरे धीरे गाड़ी चलाते हुए हम आगे बढ़े। लगता था पूरे शहर निर्माण चल रहा हो, रास्ते उधड़े पड़े थे, जगह जगह पुल बन रहे थे, मुख्य स बन्द थी, घूम कर जाना पड़ रहा था। गनीमत यह थी कि साईन बोडों पर फ्रेन्च लिखे होने के साथ साथ चित्र बने हुए थे जिनके कारण हमें सुविधा हो गई।
शहर से निकलते ही हमें एक छोटा सा होटल मिल गया। कमरा भी सवा सौ डालर का था जो अमरीकी डालरों में तो सौ से भी कम में ही पड़ा। वैसे डालर विश्व की 5 वीं सबसे मजबूत मुद्रा है। इसके पहले सिर्फ अमेरिकाल यूरो, येन और पाउण्ड ही आते है। कभी कनाडा का डालर अमरीकी डालर से भी मजबूत हुआ करता था मगर 1970 के बाद इसका पतन शुरू हो गया। कनाडा में प्लास्टिक के नोटों का चलन सिर्फ 4 साल पुराना ही है जब पोलीमर पर ये नोट छपना शुरू किये गये।
सुबह उठकर भरपेट नाश्ता किया, होटल में शायद एक क्लर्क ही थी। रात को हमें जिसने कमरा दिया वही नाश्ता भी सजा रही थी, सफाई भी कर रही और चेक आउट भी कर रही थी। यही कारण था कि हमे कमरा सस्ते में मिल गया। भारत के हिसाब से तो यह भी फाईव स्टार की रेट थी मगर यह तुलना निरर्थक थी।
अब हम क्यूबेक की तरफ आगे बढ़ने लगे। नाश्ते के दौरान हमने देखा कि कुछ यात्री फल वगैरह उठा कर अपने झोलों में भर रहे थे। वे खुले आम एसा कर रहे थे, मुझे अचरज हुआ, क्यूंकि मैंने भी कई बार नाश्ते के दौरान कई चीजें अपने झोले में डाली, मगर सबकी नजरें बचा कर चोरी छुपे । उन्हें एसा करते देख हमने भी सबके सामने अपने झोलों में कुछ फल, मफीन, केक, बन आदि भर लिये। किसी ने एतराज नहीं किया। रास्ते में इन्हें ही चबाते चबाते आगे बढ रहे थे।
क्यूबेक (Quebec) शहर का भी नाम है और प्रदेश का भी। हमारे यहां भी पहले शहरों के नाम पर ही प्रदेश भी हुआ करते थे जैसे आज के गुजरात व महाराष्ट्र प्रदेशों का एक ही प्रदेश बम्बई था। इसी तरह हैदराबाद, मैसूर तथा मद्रास प्रदेश इन शहरों के नाम र ही थे।
क्यूबेक क्षेत्रफल के हिसाब से कनाडा का सबसे बड़ा प्रदेश है मगर जनसंख्या के आधार पर यह ओन्टेरियो के बाद दूसरे स्थान पर है। सेन्ट लारेन्स नदी के अत्यन्त संकड़े छोर पर अवस्थित होने के कारण यह नाम पड़ा। फ्रेन्च में क्यूबेक का अर्थ है जहां नदी संकड़ी होती है वास्तव में फ्रान्सीसी घुमक्कड़ चीन के पश्चिमी रास्ते की तलाश में निकले थे मगर पहुँच गये सेन्ट लारेन्स नदी के किनारे। यहां उन्होंने फ्रान्स का झण्डा गाड़ फ्रान्स के बाहर नये फ्रान्स का पहला प्रदेश क्यूबेक स्थापित किया।
नीले परबत बरफानी झीलें
Editorial

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