Pilot's Jan Sangharsh Yatra
जयपुर : पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) एक महीने में दूसरी बार अपनी ही सरकार (Government) के खिलाफ मैदान में उतरे हैं।
उन्होंने गुरूवार को पेपरलीक मुद्दे और करप्शन के खिलाफ पांच दिन की पदयात्रा अजमेर से शुरू की। इससे पहले जनसभा में उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में करप्शन के मुद्दे पर वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) को हमने ललकारा था, उसके बाद कांग्रेस सत्ता में आई। सचिन गुरूवार सुबह ट्रेन से अजमेर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर उन्होंने कहा कि ये जनसंघर्ष यात्रा जनता के बीच जाने की यात्रा और उनकी बात सुनने की यात्रा है। इस बीच, उनकी जनसंघर्ष यात्रा (Jan Sangharsh Yatra) के पोस्टर से राहुल, प्रियंका गांधी गायब दिखे। पोस्टर में सिर्फ सोनिया गांधी की फोटो है। जनसभा में पायलट ने कहा कि आरपीएससी में पेपरलीक हुए, नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया। पहली बार कोई आरपीएससी मेंबर गिरफ्तार हुआ है, लेकिन इसके तार और कहीं तक जुड़े हुए हैं? मैंने जब इस पर सवाल उठाया तो कहा गया कोई नेता, अफसर शामिल नहीं है। जब पिपली के किसी दलाल पर बुलडोजर चल सकता है तो इस आरपीएससी मेंबर कटारा के मकान पर पर बुलडोजर क्यों नहीं चल सकता? उन्होंने फिर दोहराया कि यह यात्रा किसी के विरोध या खिलाफ में नहीं है। ये यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ है । पहले कहा गया इसमें कोई शामिल नहीं है फिर कटारा पकड़ा गया। वसुंधरा के कार्याकाल में जो भ्रष्टाचार (Corruption) हुआ उन पर आज के दिन तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पेपरलीक से बहुत लोगों को पीड़ा है। कुछ कार्रवाई हुई, लेकिन पुख्ता कार्रवाई से एक मैसेज देना चाहते हैं।
लोगों का विश्वास कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा पेपर लीक रोकने में जो कामयाबी मिलनी चाहिए थी वो हमें मिली नहीं।
Editorial

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