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गोडवाड अंचल की तीन चौथाई सीटों पर भाजपा काबिज
By EditorialPublished on
मरूधरा में यूं तो प्र.म. मोदी (PM Modi) पिछले छह माह में राजस्थान की 200 में से करीब 75 विधानसभा सीटों (Assembly seats) को साध चुके हैं। लेकिन सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के किस्त-दर- किस्त लुभावनी घोषणाएं होने के बाद पहली बार प्र.म. गोडवाड़ इलाके में आ रहे हैं। दक्षिण राजस्थान (South Rajasthan) के गुजरात (Gujarat) सीमा से लगे इस क्षेत्र के तीन जिलों की तीन चौथाई से ज्यादा सीटें भाजपा के पास ही हैं । वे अपनी सभा से भाजपा के गढ़ को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। भाजपा (BJP) में प्रदेश स्तर पर बदलाव क
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जयपुर : मरूधरा में यूं तो प्र.म. मोदी (PM Modi) पिछले छह माह में राजस्थान की 200 में से करीब 75 विधानसभा सीटों (Assembly seats) को साध चुके हैं। लेकिन सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के किस्त-दर- किस्त लुभावनी घोषणाएं होने के बाद पहली बार प्र.म. गोडवाड़ इलाके में आ रहे हैं। दक्षिण राजस्थान (South Rajasthan) के गुजरात (Gujarat) सीमा से लगे इस क्षेत्र के तीन जिलों की तीन चौथाई से ज्यादा सीटें भाजपा के पास ही हैं । वे अपनी सभा से भाजपा के गढ़ को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। भाजपा (BJP) में प्रदेश स्तर पर बदलाव के बाद प्र.म. मोदी का यह राजस्थान का दौरा हो रहा है। मार्च में प्रदेश अध्यक्ष बने सीपी जोशी (CP Joshi) की भी पहली 'परीक्षा' होगी कि वो प्र.म. की सभा कितनी विशाल करा पाते हैं?
सीपी जोशी की पहली अग्निपरीक्षा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 10 मई को आबू रोड में कार्यक्रम को देखते हुए युद्धस्तर पर तैयारियों को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस दौरान पाली, जालौर और सिरोही की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के साथ ही प्र.म. विकास की योजनाओं की भी घोषणा करेंगे। प्र.म. के कार्यक्रम के लिए सांसद और प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के साथ ही भाजपा के सांसद, विधायक भी सक्रिय हैं। वैसे भी गोडवाड़ के यह तीनों जिले जिले राजनीतिक रूप से भाजपा के गढ़ माने जाते हैं।
इस गढ़ में दोनों लोकसभा सीटों पर भी भाजपा
चुनाव कि दृष्टि से देखें तो तीन जिलों को मिलाकर दो लोकसभा सीटें बनी हुई हैं। ये दोनों सीटें भाजपा 2014 के लोकसभा चुनाव से ही लगातार जीतती आ रही है। इसके अलावा तीन जिलों की 14 विधानसभा सीटों में से वर्तमान में 11 सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। भाजपा ने पहले से ही विधानसभाओं को श्रेणीवार बांटकर काम शुरू किया हुआ है। इन तीनों जिलों की ज्यादातर सीटें ए और बी श्रेणी में ही हैं। जालौर जिले की मात्र एक सीट ही भाजपा (BJP) ने सबसे ज्यादा कमजोर मानी है। भाजपा के लिए इन जिलों की स्थिति इसलिए भी मजबूत है, क्योंकि कांग्रेस का इन जिलों में मात्र एक ही विधायक है।
व्यापार से लेकर इलाज तक पर गुजरात का प्रभाव
जालौर और सिरोही जिले की सीमाएं गुजरात की सीमा से सटी हैं। दोनों ही जिले आदिवासी बहुल हैं। जालौर और सिरोही से इलाज के लिए बड़ी संख्या में लोग गुजरात जाते हैं। वहीं दोनों जिलों के व्यापार को भी गुजरात प्रभावित करता है। दोनों ही जिले चिकित्सा और व्यापार की दृष्टि से गुजरात पर निर्भर हैं। प्र.म. मोदी खुद गुजरात से हैं और कई मौकों पर कहते रहे हैं कि इन जिलों के लोगों को गुजरात के विकास से भी तुलना करके देखनी चाहिए। भाजपा ने के गुजरात सीमावर्ती जिलों का भी कितना विकास किया है।
- गोडवाड़ के तीन जिलों में कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट, उधर भाजपा एकमात्र सीट पर ही कमजोर
- पिछले छह माह में राजस्थान की करीब 75 सीटों के वोटर्स के मन में दस्तक दे चुके हैं प्रधानमंत्री
- गुजरात की सीमा से लगते इन जिलों में प्र.म. मोदी की और भाजपा की मतदाताओं पर है अच्छी पकड़
भाजपा की रिपोर्ट में किस श्रेणी में कौन सी सीट
पाली : सोजत, पाली और बाली भाजपा के लिए ए श्रेणी की सीटे हैं, जबकि जैतारण, मारवाड़ जंक्शन, सुमेरपुर बी श्रेणी की सीटें हैं।
सिरोही : रेवदर ए श्रेणी की सीट है, जबकि सिरोही और पिंडवाड़ा बी श्रेणी में हैं ।
जालौर : भीनमाल ए श्रेणी की सीट है, जबकि आहोर, जालौर, रानीवाड़ा बी श्रेणी में है. सांचौर को कमजोर स्थिति के चलते डी श्रेणी में रखा गया है।
वर्तमान राजनीतिक स्थिति में भाजपा बहुत मजबूत
जालौर की पांच विधानसभा सीटों में से चार भाजपा के पास हैं, जबकि सिर्फ एक सीट कांग्रेस (Congress) के खाते में है । इसी प्रकार पाली जिले की 6 विधानसभा सीटों में से पांच भाजपा के पास हैं, जबकि एक निर्दलीय के खाते में है । इस जिले में कांग्रेस का एक भी विधायक (Legislator) नहीं है। सिरोही जिले की तीन विधानसभा सीटों में से दो भाजपा के पास हैं, जबकि एक निर्दलीय के खाते में है। यहां भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ है। अगले विधानसभा चुनाव के + लिए कांग्रेस को यहां अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी ।
प्र. म. मोदी ने छह माह में कवर की 75 विधानसभा सीट
राज्य में कांग्रेस जहां गहलोत-पायलट की गुटबाजी में फंसी हैं, वहीं भाजपा पिछले छह माह से ही इलेक्शन मोड में है और एक के बाद एक प्र.म. मोदी की सभाएं करा रही है। इस बीच सीएम गहलोत ने भी बजट घोषणाओं की बौछार की है। प्र.म. की सभाओं की के पीछे भाजपा की रणनीति कमजोर क्षेत्रों में सेंध लगाने और जीती हुई सीटों को और मजबूत करने की है। इसी के तहत 10 मई को आबू में जनसभा करके पाली, जालौर और सिरोही तीनों जिलों की 14 विधानसभा सीटों को साधेंगे। इससे पहले प्र.म. मानगढ़ धाम में आदिवासियों के आराध्य गोविंद गुरू को याद करके आदिवासी और मेवाड़ अंचल 22 सीटों को साध चुके हैं। मालासेरी डूंगरी में भगवान देवनारायण को याद करके गुर्जर समुदाय को लुभा चुके हैं। यह समुदाय पायलट के चलते कांग्रेस से नाराज हैं।

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