Sunil Patodia
"जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है" सीए सुनील पाटोदिया (Sunil Patodia) इन पंक्तियों को अक्षरशः चरितार्थ कर गए। 1 मई 1968 को जन्में सुनील पाटोदिया का जीवन मानवता और समाजहित के लिए समर्पित रहा। एक ओर जहां वे देश के प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट थे, वहीं दूसरी ओर अपनी सामाजिक गतिविधियों और सेवाकार्यों के लिए भी विख्यात थे। वे लायंस क्लब के गवर्नर, डिप्टी गवर्नर भी रहे।इसके अलावा सुनील पाटोदिया राजस्थानी सेवा समिति, राजपूताना शिक्षा मंडल, झुंझुनू प्रगति संघ, राजस्थान विद्यार्थी गृह, भारत विकास परिषद इत्यादि अनेक संस्थाओं के उच्च पदों पर कार्यरत थे। कभी संस्थाओं के साथ जुड़कर तो कभी अपने परिवार के साथ निजी तौर पर भी पाटोदिया ने हजारों लोगों और समाज की सेवा की। सामूहिक विवाह, स्कूलों को गोद लेना, लाइब्रेरी निर्माण, अन्नदान, बच्चों की शिक्षा का खर्च, वाटर कूलर की स्थापना, तालाब निर्माण, ब्लड डोनेशन कैंप, प्याऊ स्थापना, गोसेवा जैसे अनेकों कार्य उन्होंने किए। शांत स्वभाव, दूरदर्शिता, अचूक निर्णय क्षमता, निस्वार्थ सेवाभाव ऐसे गुण थे जिन्होंने पाटोदिया को लोगों के दिलों में बसने वाला जननायक बना दिया। वे आईसीएआई के डब्लूआईआरसी के चेयरमैन एवं सचिव भी रहे।
उनकी पारिवारिक कंपनियां एस के पाटोदिया एंड एसोसिएटस, द बायक होटलस, चॉइस इक्विटी को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। 2021 में सीए इंस्टीट्यूट के सेंट्रल काउंसलिंग का चुनाव भी पाटोदिया ने भारी मतों से जीता था। मगर वे अकस्मात ही 18 फरवरी 2022 को दुनिया को अलविदा कह गए। उनका जाना संपूर्ण राजस्थानी समाज एवं देश के लिए कभी न भरने वाली क्षति है। आज उनके परिवार द्वारा अनेकों सेवा कार्य निरंतर उसी तरह किए जा रहे हैं जैसे वे अपने जीवनकाल में करते थे। मुंबई में सुनील पाटोदिया वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा हर दिन जरूरतमंदों की सहायता की जाती है। उनके परिवार द्वारा जरूरतमंद लोगों की शिक्षा व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, मेडिकल और इलाज की व्यवस्था, गोसेवा के कार्य हर दिन ही किए जा रहे हैं। कैंसर के मुफ्त इलाज औऱ दवाओं की सेवा उनके परिवारजनों द्वारा निरंतर की जा रही है। 1 मई उनके जन्मदिन पर विशेष सेवा कार्य मुंबई, झुंझुनूं और उनके गांव पाटोदा में किये जाएँगे। सुनील पाटोदिया के सेवा कार्यों और सत्कर्मों की कस्तूरी सतत समाज को महकाती रहेगी।

Editorial

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