Pattotsav
मुंबई । शासनश्री साध्वी जिनरेखा के सानिध्य में आचार्य महाश्रमण का पट्टोत्सव मनाया गया। शुरुआत साध्वियों द्वारा महाश्रमण अष्टकम् से की गई। साध्वी जिनरेखा ने कहा कि आचार्य महाश्रमण की श्रमशीलता, इन्द्रिय-संयम व सहनशीलता अनुत्तर है। आचार्य महाप्रज्ञ के साथ युवाचार्य महाश्रमण ने सप्तवर्षीय अंहिसा यात्रा की। इस यात्रा के दो उदरेय निश्चित किए गए - अंहिसा चेतना का जागरण और नैतिक मूल्यों का विकास। आचार्य महाश्रमण भारतीय ऋषि परम्परा के एक साधक, प्रवचनकार, साहित्यकार हैं। साध्वी मधुरयशा, साध्वी श्वेतप्रभा, साध्वी धवलप्रभा ने आचार्य महाश्रमण के कर्तत्व और व्यक्तित्व को प्रस्तुत किया। साध्वीवृंद ने सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी। संचालन साध्वी मार्दवयशा ने किया। इस अवसर पर सभी संघीय संस्थाओं के सदस्यों की उपस्थिति रही।

Editorial

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