Vande Bharat train
नई दिल्ली : देशभर में कई राज्यों को वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेनों की सौगात मिल चुकी है। पिछले दिनों केरल को उसकी पहली वंदे भारत ट्रेन (Train) मिली। इसके अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश को भी इसी महीने उसकी पहली वंदे भारत ट्रेनें मिली हैं।
सेमी हाईस्पीड ट्रेन से न सिर्फ यात्रियों का समय बचता है, बल्कि उन्हें हवाई जहाज जैसी सुविधाएं ट्रेन में प्राप्त होती हैं। इस वजह से इन ट्रेनों के टिकटों की बुकिंग भी जमकर हो रही है। अब इंटेग्रल कोच फैक्ट्री के पूर्व जनरल मैनेजर सुधांशु मणि ने दावा किया है कि अगले दो साल में पांच से छह वंदे भारत ट्रेनें केरल को मिल सकती हैं। उन्होंने 'मनोरामा के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि वर्तमान रेलवे ट्रैक्स को अपग्रेड करने की जरूरत है, ताकि वंदे भारत ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकें।
कुछ जगह पर जहां यह संभव नहीं है, वहां पर नए रेलवे ट्रैक्स बिछाने होंगे। देश में हाई स्पीड रेल और सेमी हाई स्पीड रेल की काफी संभावनाएं हैं। यह समझना चाहिए कि रेलवे सड़क और एयर ट्रांसपोर्ट (Air transport) की तुलना में छह से आठ गुना अधिक एनवायरमेंट फ्रेंडली होती है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि आने वाले दो सालों में केरल के पास पांच से छह और वंदे भारत ट्रेनें होंगी। वहीं, उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों में खाने को लेकर कहा कि यह अन्य ट्रेनों की तुलना में काफी अच्छा है।
आईआरसीटीसी को स्थिति को और सुधारनी चाहिए, क्योंकि लोग काफी ज्यादा किराया भर रहे हैं। आईआरसीटीसी (IRCTC) चीजों को बेहतर बनाने में सक्षम है। उन्होंने इंटरव्यू में यह भी बताया एलुमिनियम कोच वाली वंदे भारत ट्रेनों की भविष्य में स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि इस समय वंदे भारत ट्रेनों की सर्वाधिक स्पीड 160-180 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच है। हालांकि, कई रूट पर यह ट्रेनें कम गति से भी चलती हैं, लेकिन देश की अन्य ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत की स्पीड काफी अधिक है ।

Editorial

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