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खुद उद्धव ठाकरे चाहते थे कि एकनाथ शिंदे सीएम बनें? /शिक्षा मंत्री
By EditorialPublished on
हिंदुत्व (Hinduism) के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक हो जाना चाहिए। बीजेपी (BJP) नेता चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने बयान दिया था कि अगर मुझे आदेश मिलता है तो मैं दोनों को साथ लाने की पहल करूंगा। उनके इस बयान से एक बार फिर शिवसेना के दो गुटों के पास आने की चर्चा शुरू हो गई और साथ ही शिवसेना और बीजेपी में एक बार फिर गठबंधन होने की संभावनाओं के कयास लगने शुरू हो गए।
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कोल्हापुर : हिंदुत्व (Hinduism) के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक हो जाना चाहिए। बीजेपी (BJP) नेता चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने बयान दिया था कि अगर मुझे आदेश मिलता है तो मैं दोनों को साथ लाने की पहल करूंगा। उनके इस बयान से एक बार फिर शिवसेना के दो गुटों के पास आने की चर्चा शुरू हो गई और साथ ही शिवसेना और बीजेपी में एक बार फिर गठबंधन होने की संभावनाओं के कयास लगने शुरू हो गए। शिंदे की ओर से शिवसेना (Shivsena) नेता स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर (Deepak Kesarkar) ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। सीएम शिंदे के समर्थक शिवसेना प्रवक्ता दीपक केसरकर ने इस मुद्दे पर कहा कि वो ऐसा करके देख लें, बड़े लोगों के बीच में मैं कुछ ज्यादा कहना नहीं चाहता। मोदी के कहने पर भी ठाकरे साथ नहीं आए। उनको दिए अपने वादे से मुकर गए। मैं खुद इसका गवाह हूं। अब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनकर महाराष्ट्र को सुशासन दे रहे हैं। उद्धव ठाकरे भी यही चाहते थे कि शिंदे मुख्यमंत्री बनें। शरद पवार के कहने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनना पड़ा। फिर अब क्या दिक्कत है। आज उनके मन के मुताबिक मुख्यमंत्री महाराष्ट्र में हैं। उनके पास उसके बारे में बुरा महसूस करने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए।
इस मुद्दे पर एकबार फिर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मंत्री चंद्रकांत पाटील (Chandrakant Patil) ने एक न्यूज चैनल (News channel) को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि राजनीति में जिस लचीलेपन की जरूरत होती है, वो उद्धव ठाकरे में है, ऐसा मुझे लगता नहीं। राजनीति में दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं किए जाते। हमें कोई लाचारी नहीं है कि उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ आएं। हिंदुत्व के लिए हमने मांग की थी कि वे साथ आएं तो अच्छा हो। वे हमारे नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) पर दिए गए अपने बयान के लिए माफी मांगें , हमारे नेता बड़े दिल से उन्हें माफ कर देंगे।
चंद्रकांत पाटील ने यह भी कहा कि शरद पवार ने कई राजनेताओं का करियर ध्वस्त किया है। माफी की बात को लेकर दीपक केसरकर ने भी दोहराया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अगर उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ की गई अपनी वादाखिलाफी के लिए माफी मांग लें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े दिल से उन्हें माफ कर देंगे।

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