✕
कैसे कांग्रेस के 'प्रहार को महज 6 सप्ताह में ही भाजपा ने बनाया चुनावी 'हथियार ?
By EditorialPublished on
यह 6 हफ्ते पहले की बात है, जब 23 फरवरी को कांग्रेस (Congress) नेताओं ने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी (Arrest) को लेकर दिल्ली (Delhi) हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान 'मोदी (Modi) तेरी कब्र खुदेगी का आपत्तिजनक नारा लगाया था। अब यह नारा कांग्रेस को परेशान करने लगा है, क्योंकि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इसे चुनावी रैलियों में एक मुद्दा बना दिया है।
_202304081034578028.jpg)
x
_202304081034578028.jpg)
नई दिल्ली : यह 6 हफ्ते पहले की बात है, जब 23 फरवरी को कांग्रेस (Congress) नेताओं ने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा (Pawan Kheda) की गिरफ्तारी (Arrest) को लेकर दिल्ली (Delhi) हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान 'मोदी (Modi) तेरी कब्र खुदेगी का आपत्तिजनक नारा लगाया था। अब यह नारा कांग्रेस को परेशान करने लगा है, क्योंकि भाजपा (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने इसे चुनावी रैलियों में एक मुद्दा बना दिया है।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) और भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा (J. P. Nadda) से लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पिछले छह हफ्तों में आधा दर्जन से अधिक बार इस नारे का हवाला दिया है कि कैसे कांग्रेस अब 'मोदी के लिए मौत की कामना कर रही है। भाजपा ने गुरूवार को अपना 44वां स्थापना दिवस मनाया, इस मौके पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्र.म. मोदी ने इस नारे का जिक्र किया। उन्होंने सबसे पहले 24 फरवरी को शिलांग में एक चुनावी जनसभा के दौरान कहा था, 'कांग्रेस के लोग कह रहे हैं मोदी तेरी कब्र खुदेगी। उनके इस नारे के जवाब में लोग कह रहे हैं मोदी तेरा कमल खिलेगा। भाजपा कर्नाटक चुनाव (Karnataka election) प्रचार के दौरान भी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की योजना बना रही है। वहीं, कांग्रेस ने अब तक अपने नेताओं द्वारा 23 फरवरी को लगाए गए इस नारे की निंदा नहीं की है। भाजपा (BJP) प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मुद्दे पर कहा, नारे से ज्यादा यह कांग्रेस की मानसिकता है, जिसकी भाजपा नेतृत्व आलोचना कर रहा है। दुर्भाग्य से कांग्रेसी जो गड्ढा या कब्र खोदते हैं, आमतौर पर वे खुद ही उनमें गिर जाते हैं। पूनावाला ने कहा, कांग्रेस की 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी मानसिकता 2002 से 2023 तक लगातार 21 साल के उस प्रयास का हिस्सा है, जो 'मोदी-फोबिया के कुटीर उद्योग से अब मोदी के खिलाफ नफरत की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी बन गई है। यह उस परिवार की मानसिकता है, जो सत्ता में आने के लिए इतना उतावला है कि उसने राजनीतिक शिष्टता की सारी हदें पार कर दी हैं ।

Editorial
Next Story
Related News
X
