Mumbai Municipal Corporation
मुंबई : दुकान के बाहरी नामफलक (Nameplate) पर विज्ञापन शुल्क (Advertising fee) वसूलने पर पाबंदी है। लेकिन ऐसा होने का बावजूद मुंबई महानगरपालिका (Mumbai Municipal Corporation) के लाइसेंस विभाग (License department) ने शुल्क वसूली के लिये दुकानदारों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। इसके विरोध में दुकानदारों के संगठनों ने मनपा से इस तरह की शुल्क वसूली बंद करने की मांग की है। संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस तरह से गैरवाजिब शुल्क वसूली बंद नहीं की गई तो दुकानदार इसका विरोध करेंगे और विरोध स्वरूप एक दिन दुकानों और होटलों को बंद रखा जायेगा। दरअसल मनपा का लाइसेंस विभाग दुकान के बाहरी नामफलक पर होर्डिंग्स की तर्ज पर विज्ञापन शुल्क वसूली कर रहा है। बिजली कनेक्शन
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देकर नामफलकों को रोशन किया जाता है और ऐसे नामफलकों को ही मनपा द्वारा वसूली के लिये नोटिस भेजे जा रहे हैं। उधर दुकानदारों का मानना है कि साल 2016 में ही एक अदालती फैसले में यह साफ हो गया है कि नामफलक कोई विज्ञापन नहीं है। लिहाजा अदालती फैसले के बाद इस तरह से शुल्कवसूली का कोई औचित्य नहीं है । फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि महानगरपालिका द्वारा इस तरह की शुल्क वसूली रोकने के लिये राज्य सरकार द्वारा मनपा को निर्देश दिये जायें। संगठन के अध्यक्ष वीरेन शाह ने मनपा के निर्णय का विरोध करते हुये यह मांग की है। शाह के मुताबिक, नामफलक के आकार के हिसाब से पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक सालाना शुल्क वसूला जा रहा है, जो एकदम गैरवाजिव और अन्यायकारक है। मनपा का लाइसेंस विभाग दुकानदारों और होटलों को नोटिस भेजकर इस वसूली के लिये दबाव डाल रहा है। शाह ने सरकार से इस मामले में तत्काल दखल देने की मांग की है।
Editorial

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